मिर्जापुर। जिले के खिलाड़ी प्रदेश से लगायत राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर रहे हैं, लेकिन इन दिनों फुटबाॅल टीम में चयन को लेकर कोच के बीच आए दिन विवाद हो रहा है। जौनपुर में 11 से 18 अगस्त तक आयोजित सब जूनियर बालिका फुटबाॅल प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए 16 खिलाड़ियाें के चयन के बावजूद 12 खिलाड़ी ही गए। उधर, फुटबाॅल टीम में चयन के दौरान भदोही से आए कोच ने चयनकर्ताओं पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है, जबकि क्रीड़ा अधिकारी आरोपों से इन्कार कर रहे हैं।
जौनपुर में 11 से 18 अगस्त तक आयोजित सब जूनियर बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए आठ अगस्त को भिस्कुरी स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में चयन ट्रायल किया गया था। खेल विभाग ने फुटबाल संघ के साथ समन्वय बनाकर चयन ट्रायल का आयोजन किया था। कुछ माह पहले एक खिलाड़ी ने चयन न करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की थी। चयन ट्रायल में चयनित 16 खिलाड़ियों में उस खिलाड़ी का भी चयन किया गया, परंतु जब टीम जौनपुर रवाना हुई तो वह खिलाड़ी नहीं गई। टीम में चयनित 16 में से सिर्फ 12 खिलाड़ी ही प्रतियोगिता में शामिल होने गईं। बताया जा रहा है कि विवादित कोच के इशारे पर चार खिलाड़ी प्रतियोगिता में शामिल होने नहीं गईं। हालांकि 12 खिलाड़ियों को लेकर प्रतियोगिता में शामिल होने गई टीम ने सहारनपुर से हुए मुकाबले में उसे 15-0 से हरा दिया। उधर, फुटबाॅल चयन वाले दिन भदोही की कोच ने चयनकर्ताओं पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया, जबकि क्रीड़ा अधिकारी दुर्व्यवहार के आरोप से इन्कार कर रही हैं। फुटबाॅल संघ के सचिव मो. अरिफ नजमी ने आरोप लगाया कि स्टेडियम में जब भी चयन ट्रायल होता है, उस दौरान निलंबित कोच और खिलाड़ी चयन ट्रायल में पहुंचकर विवाद करते है। इसकी शिकायत की गई है। क्रीड़ा अधिकारी भानु प्रसाद ने बताया कि 16 खिलाड़ियों का चयन फुटबाॅल संघ के समन्वय से किया गया था। जो खिलाड़ी खेलने नहीं गईं, उनकी अपनी कोई व्यक्तिगत समस्या हो सकती है। उन्होंने एक चयनकर्ता द्वारा लगाए आरोपों को निराधार बताया। चयन ट्रायल वाले दिन वे स्वयं मौजूद थे। कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया।