मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार व पथरहिया स्थित विकास भवन में बुधवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बर्न मिशन को लेकर खंड विकास अधिकारियों की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा की गई। सीडीओ ने चेतावनी दी कि यदि काम में प्रगति नहीं पाई गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। वेतन भी रोका जा सकता है। वहीं विकास भवन की बैठक में विकास अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि यदि उनका विकास कार्य 25 दिनों से कम पाया गया तो संबंधित का वेतन भी रोका भी जा सकता है।
कलेक्ट्रेट में बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि रूर्बर्न मिशन में सीखड़ व हलिया विकास खंड में काम की गति बहुत धीमी है। अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इसमें तेजी लाएं और तीव्र गति से काम कराएं। जो क्लस्टर बनाए गए हैं और जिन विभाग के अधिकारी उनमें शामिल हैं उनसे कहा गया कि वे अपने कार्यों में तेजी लाएं। सीडीओ ने कहा कि यह कार्य मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यों में से एक है। इसकी नियमित मानीटरिंग हो रही है। इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें। वहीं विकास भवन की बैठक में विकास अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि यदि उनका विकास कार्य 25 दिनों से कम पाया गया तो संबंधित का वेतन भी रोका भी जा सकता है। मनरेगा व एनआरएलएम के कार्यों की भी समीक्षा की गई।