फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा दशहरा पर आस्थाधाम विंध्याचल में उमड़ा भक्तों का रेला

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विंध्याचल। आदि शक्ति मां विंध्यवासिनी देवी के दरबार में बुधवार को जेठ शुक्ल पक्ष दशमी गंगा दशहरा पर दर्शन पूजन करने वालों का तांता लगा रहा। श्रद्धा भाव से सिर झुकाते हुए मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए।
भोर में मंगला आरती से पहले ही भारी संख्या में भक्त गर्भगृह की ओर जाने वाले कतार में लग गए। आरती के पश्चात जैसे ही कपाट खुला कि माता के जयकारे से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। माता दरबार में आने से पूर्व दर्शनार्थियों का जत्था गंगा स्नान व ध्यान कर माता दरबार की ओर पहुंच रहा था। हाथों में नारियल, चुनरी, माला फूल व प्रसाद लेकर देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु कतारबद्ध हो दर्शन पूजन के लिए अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे। सुबह भीषण गर्मी की परवाह किए बगैर भक्त माता के दर्शन और पूजन के लिए डटे रहे। जेठ शुक्ल पक्ष दशमी गंगा दशहरा पर मां विंध्यवासिनी का गुड़हल, गुलाब पुष्पों सहित रजतमणि आभूषणों से हुए शृंगार का दर्शन पाकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। देवी धाम में उमड़ी भीड़ के चलते अधिकांश श्रद्धालुओं ने झांकी से दर्शनकर लाभ उठाया। दर्शन व पूजन के बाद भक्तों ने मंदिर के ऊपर गुंबद व हवन कुंड की परिक्रमा कर पुण्य का लाभ कमाया। इसी तरह भक्तों ने मंदिर में विराजमान महाकाली, मां दुर्गा, पंचमुखी महादेव, मां सरस्वती देवी, मां शीतला, महालक्ष्मी, दक्षिण मुखी हनुमान, राधा कृष्ण, अन्नपूर्णा देवी, बटुक भैरव सहित अन्य मंदिरों में जाकर अपना शीश नवाया। देवी देवताओं के दर्शन व पूजन के बाद अधिकांश भक्तों का कारवां पहाड़ पर विराजमान मां काली व मां अष्टभुजा देवी दरबार पहुंच रहा था। जहां पूजन अर्चन कर मंगल कामना की। दर्शन पूजन करने के बाद विंध्यधाम की गलियों में सजी दुकानों पर पहुंचकर महिलाएं अपनी- अपनी जरूरत का सामान खरीदती नजर आईं। माता दरबार में बड़ी संख्या में उमड़े आस्थावानों की भीड़ को देखते हुए पुलिस के जवान के साथ श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज दिवेदी सहित मंदिर सुरक्षा व्यवस्था प्रभारी श्यामधर सिंह भक्तों की देखरेख में लगे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विंध्याचल। जेठ शुक्ल पक्ष दशमी गंगा दशहरा पर आस्था धाम स्थित गंगाघाट बुधवार को श्रद्धालुओं से गुलजार रहा। धाम के दीवानघाट, पक्काघाट, गुदाराघाट समेत अन्य घाटों पर भोर से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। हजारों की संख्या में विभिन्न श्रद्धालुओं ने स्नान व ध्यान कर मां गंगा की आरती उतारने के पश्चात मां विंध्यवासिनी के दर्शन व पूजन के लिए आगे बढ़ रहे थे। यह सिलसिला दोपहर तक चलता रहा। चिलचिलाती धूप में घाटों पर छांवनी की पर्याप्त व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था वहीं उन्हे तपती रेती पर नंगे पांव चलने को विवश होना पड़ा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें