उत्तर प्रदेश के मिर्जुापुर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने खुद को कमरे में बंद कर आग लगा दी। आग लगाने के बाद जब उसकी चीख घरवालों तक पहुंची तो परिजनों ने छत का पटिया तोड़ कर कमरे में प्रवेश किया। तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।
मिर्जापुर के हलिया थाना क्षेत्र के गौरवा गांव में रविवार की रात एक महिला ने खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली। मौके पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच में जुट गई है। क्षेत्र के गौरवा गांव निवासी ललिता देवी (45) पत्नी इंद्रमणि धरकार रविवार की रात अपने कमरे में जाकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा लिया।
कमरे से आग की लपट और चीख सुनकर पड़ोसियों ने शोर मचाया तो उसका पति इंद्रमणि भाग कर घर आया। दरवाजा अंदर से बंद मिलने पर आनन-फानन में छत की पटिया को तोड़कर घर के अंदर पहुंचे तब तक ललिता की मौत हो चुकी थी। इसकी सूचना ग्राम प्रधान हलिया पुलिस को दिया। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक छोटक यादव मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेते हुए पीएम को भेज दिया।
मृतका के पति इंद्रमणि ने बताया कि उनको पांच बच्चे है। इसमें चार पुत्र और एक पुुत्री है। बड़ी पुत्री की शादी हो चुकी है। बड़ा पुत्र रोजी रोटी के लिए बाहर काम करता है। तीन लड़के घर पर ही रहते है। मृतका का मायका मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिला के खमरिया गांव में है। मृतक के मायके वाले मौके पर पहुंचे। मृतका के चाचा नर्मदा का कहना है कि किसी बात को ललिता ने कमरे को बंद कर खुद को आग के हवाले कर दिया। थाना प्रभारी ने कहाकि मामले में कोई तहरीर नहीं आइ है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।