मिर्जापुर। रबी सीजन में गेहूं की खरीद लक्ष्य के सापेक्ष 67. 47 फीसदी ही हुई है। अभी खरीद के लिए 25 दिन शेष हैं। माना जा रहा है कि निर्धारित तिथि तक एक लाख तीन हजार टन गेहूं की खरीद हो जाएगी।
इस बार जिले में 101 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए थे। इसमें खाद्य विभाग के 11, साधन समिति के 25 व एफपीसी के सात केंद्र थे। इसके अतिरिक्त पीसीएफ के 38, यूपी एग्रो के चार, कर्मचारी कल्याण निगम के तीन, नेफेड के 12 व भारतीय खाद्य निगम के एक केंद्र शामिल हैं। एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई थी। खरीद के 50 दिन बाद अब तक 69 हजार तीन सौ 97 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है जबकि लक्ष्य एक लाख तीन हजार टन निर्धारित किया गया है। विभाग का कहना है कि अभी तक की खरीद के अनुसार जिला पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है जबकि पीलीभीत 74 फीसदी खरीद के साथ पहले स्थान पर है।
अधिकांश गेहूं क्रय केंद्रों पर बोरा व धन की कमी आड़े आ रही है। विभाग अधिकतर जगहों पर नहीं पहुंच पा रहा है। इससे किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। कई केंद्रों से तो किसानों को बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है। जिला प्रशासन भी इस ओर से निष्क्रिय बना हुआ है। किसानों का आरोप है कि केंद्रों पर उनके लिए मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
डीआरएमओ अजित कुमार त्रिपाठी का कहना है कि खरीद निर्धारित गति से चल रही है। कुछ समस्याएं हैं लेकिन खरीद ने अपनी गति पकड़ ली है। सभी केंद्रों पर खरीद की जा रही है।