मिर्जापुर। घड़ी की सूइयां जैसे ही बारह पर पहुंची। आतिशबाजी शुरू हो गई। केक कटने लगे। पुराने साल की विदाई पर नाच-गा रहे लोगों ने नए साल का उसी गर्मजोशी से स्वागत किया। एक-दूसरे को बधाइयां दी गईं। फोन पर बधाई संदेश भेजने का सिलसिला तो रविवार को सुबह से ही शुरू हो गया जो आधी रात के बाद तक चलता रहा।
बाजारों में रविवार को कुछ ज्यादा ही चमक-दमक थी। केक, पेस्ट्री, चॉकलेट, फूलों व उपहार की दुकानें सुबह से ही सज गई थीं। देर शाम तक उन पर खरीददारों की भीड़ भी खूब थी। केक की मांग सबसे ज्यादा रही। नगर से रिकार्ड पांच सौ पाउंड के केक बनाने के आर्डर मिले। ब्लैक फारेस्ट 240 रूपया पाउंड, पाइनेप्पल 220, स्ट्रबेरी व बटर स्काच फलेवर दो सौ रूपए पाउंड तक बिके। छुट्टी का दिन होने के कारण साल के आखिरी दिन बहुत से लोग पिकनिक मनाने लखनिया और सिद्धनाथ की दरी पहुंचे। रात में शहर के सभी होटल, रेस्त्रां फुल हो गए। आधी रात तक लोग नाचते-गाते रहे। सबको नए साल का इंतजार था। जैसे ही रात के 12 बजे आतिशबाजी शुरू हो गई। केक काटे गए और गले लगकर लोगों ने नए साल की बधाइयां दीं। पं. मिठ्ठू मिश्र ने बताया कि नववर्ष की शुरुआत शुक्ल योग में हो रही है, जो एक जनवरी को रहेगा। शुक्ल योग की स्वामी माता पार्वती है। सोमवार होने से यह शिव का दिन भी है। सूर्य, शुक्र और शनि का एक साथ धनु राशि में होकर त्रिगही योग बनाना शुभ है। इसी दिन पौष मास की पूर्णिमा पर हो रहा है, इसी माघ का स्नान भी आरंभ हो रहा है। एक जनवरी को 11 बजकर चार मिनट के बाद से पूर्णिमा आरंभ हो जाएगी।
कोचिंग, स्कूल-कॉलेजों में रविवार को ही नववर्ष का जश्न मनाया गया। उत्साही युवकों सड़कों पर ‘हैप्पी न्यू इयर 2018’ लिख डाला। सुरक्षा के भी तगड़े बंदोबस्त किए गए थे। जगह-जगह वाहनों की चेकिंग की जाती रही। छेड़खानी की घटना न होने पाए इसके लिए अतिरिक्त पुलिस सादे वेश में लगाई गई थी।
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सोशल मीडिया ने खत्म किया कार्डों का चलन
नव वर्ष आते ही लोगों के मन में दोस्तों व चहेतों को ग्रीटिंग कार्ड देने की बात सोचने लगते थे। लेकिन मोबाइल क्रांती के बाद नए-नए ऐप्स वाट्सअप, हाइक, मैसेंजर, इंस्टाग्राम एवं फेसबुक ने ग्रीटिंग कार्ड के चलन को खत्म कर दिया। इससे लोग कुछ ही पलों में अपनों को बधाई संदेश भेज देते हैं।