मिर्जापुर। मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी लाइफ लाइन एक्सप्रेस में हार्ट व न्यूरों के मरीजों का इलाज नहीं होगा। क्यों कि इस रोग के विशेषज्ञ डाक्टर आ रही टीम में शामिल नहीं है। जिससे इन रोगों के मरीजों का इलाज होना संभव नहीं है। इस बारे में शुक्रवार को टीम के लोगों ने कलेक्ट्रेट सभागार में खुद बताया था। हालांकि इसके अलावा सबसे बड़े रोग कैंसर, दांत, आंख, कान, पोलियों समेत अन्य रोगों का इलाज होगा। जिसका लाभ मरीज उठा सकते है। 29 से 18 सितंबर तक होने वाले जांच व इलाज के लिए निर्धारित की गई तिथि पर पहुंचकर मरीज अपने रोग का इलाज करा सकते है।
कहने को लाइफ लाइन एक्सप्रेस देश की चलती फिरती चिकित्सालय है। जिसमें देश के सबसे बड़े चिकित्सालय की सारी सुविधाए मौजूद है। इसमें अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर चुके चिकित्सकों द्वारा मरीजों का इलाज किया जाता है। लेकिन अभी भी इसमें दो कमियां है। सबसे बड़ी कमी जो सामने आई है वह है कि इस पूरे चिकित्सालय में हार्ट के मरीजों का इलाज करने की कोई व्यवस्था नहीं है। ना ही हार्ट के विशेषज्ञ चिकित्सक आ रही टीम में शामिल है। यहीं नहीं न्यूरों के फिजिशियन या सर्जन डाक्टर भी नहीं आ रहे है। इससे न्यूरों से संबंधित मरीजों का इलाज नहीं हो पाएगा और उनको मासूस होना पड़ेगा। क्यों कि इतना बड़ा स्वास्थ्य कैंप लगने के बावजूद वह चिकित्सीय सुविधा पाने से वंचित रह जाएंगे। बताते चलें कि जिले में हार्ट व न्यूरों के चिकित्सक नहीं होने के चलते मरीजों को वाराणसी या इलाहाबाद अपना इलाज कराने के लिए जाना पड़ता है। हार्ट व न्यूरों के मरीजों को लाइफ लाइन एक्सप्रेस में सारे रोगों का इलाज होने की जानकारी मिलते ही खुशी की लहर दौड़ पड़ी कि उनके जिले में नि:शुल्क जांच व इलाज हो जाएगा। लेकिन इन रोगों के डाक्टरों नहीं आने की जानकारी होने पर वह मायूस हो गए हैं। बता दें कि केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पहल पर केंद्र सरकार ने जिले में मरीजों का इलाज करने के लिए सारी चिकित्सीय सुविधाओं से लैस लाइफ लाइन एक्सप्रेस को मिर्जापुर भेजा है। जिसमें स्तन व गर्भभाय तथा मुह के कैंसर का इलाज किया जाएगा। इसके अलावा आंख, कान, मोतियाबिंद, पोलियों से ग्रसित मरीजों का संपूर्ण जांच व इलाज किया जाएगा। परिवार नियोजन के बारे में बताते हुए उनका इलाज किया जाएगा। इसके अलावा दांत,कटे फटे होठ,मिर्गी, आदि रोगों का जांच कर आपरेशन किया जाएगा।