विंंध्याचल। प्रयागराज महाकुंभ के चलते स्टेशन और ट्रेनों में भीड़ का लाभ उठाकर तस्कर कछुओं को लेकर पश्चिम बंगाल जाने वाले थे, इस बीच मंगलवार की रात विंंध्याचल स्टेशन पर जीआरपी ने दो लोगों को पकड़ लिया।
उनके गट्ठर और बैग की तलाशी ली गई तो 145 कछुए बरामद हुए। जिसकी अनुमानित कीमत सात लाख रुपये बताई जा रही है। दोनों आरोपी दूसरी बार कछुआ लेकर पश्चिम बंगाल जा रहे थे।
जीआरपी चौकी प्रभारी सुनील कुमार गौड़, आरपीएफ चौकी प्रभारी राजीव कुमार सिंह के साथ रात में विंंध्याचल स्टेशन पर गश्त कर रहे थे। इस दौरान प्लेटफाॅर्म नंबर एक पर दिल्ली छोर की ओर बेंच पर दो संदिग्ध लोग पिट्ठू बैग व गट्ठर लेकर बैठे दिखाई दिए। जीआरपी ने दोनों संदिग्ध लोगों के बैग को खोलवाकर जांच की कछुए मिले। पांच पिट्ठू बैग व एक गट्ठर में 145 कछुए मिले।
जीआरपी ने रोहित कंजड़ व किशुन कुमार निवासी महेशुआ थाना हनुमानगंज जिला सुल्तानपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जीआरपी प्रभारी सुनील गोंड ने बताया कि आरोपी अपने गांव से कछुआ पकड़कर पश्चिम बंगाल के वर्धमान जाने वाले थे।
अपने गांव से बस से आए थे। इस समय प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ है। लोग बैग व गट्ठर आदि लेकर जा रहे हैं। तस्कर भी भीड़ की आड़ में कछुए लेकर जा रहे थे। इस बीच उनको पकड़ लिया गया। बरामद कछुओं की अनुमानित कीमत सात लाख रुपये है। दोनों आरोपी दूसरी बार कछुआ लेकर पश्चिम बंगाल जाने वाले थे।
उन्होंने बताया कि आरोपी कछुओं को पश्चिम बंगाल में जाकर बेचते हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल में कछुओं का उपयोग मांस और दवा के लिए किया जाता है।