मिर्जापुर। जगत जननी मां विंध्यवासिनी देवी की जयंती पर नगर में जगह-जगह कजरी समारोह एवं मेले का दौर चला। नगर में कई जगहों पर आयोजित कजली महोत्सव में लोकगायकों ने जहां अपने प्राचीन शैली की कजली गायन को सुरों में पिरोकर प्रस्तुत किया, वहीं एक से बढ़कर एक कजली गायन से सावनी बयार बहाई। कजली पर बालिकाओं नें नागपंचमी के दिन मिट्टी में जौ बोए थे। बहनों ने जरई को भाईयों के कान पर लगाकर उनके लिए मंगलकामना की, बदले में भाईयों ने भी बहनों को उपहार प्रदान किए।
कजली पर्व पर नगर क्षेत्र में जगह-जगह कहीं कजली महोत्सव तो कहीं शानदार बिरहा मुकाबला पूरी रात चलता रहा। नगर के ओझला पुल सहित इमामबाड़ा, स्टेशन रोड, विंध्याचल सहित कई अन्य स्थानों पर कजली महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुराने व नवोदित कजली गायकों व गायिकाओं ने कजली गीतों से श्रोताओं को खूब झुमाया। ओझला पुल पर दो दिवसीय कजली निषाद मेला का आयोजन किया गया। कजली निषाद मेले सुबह से शुरू होकर देर रात तक चलता रहा। वीर एकलव्य समाज उत्थान समिति की ओर सेदो दिवसीय कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम के दौरान संस्था के अध्यक्ष मीरा मित्तल मझवार एवं महासचिव रामबली निषाद ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। मुख्य अतिथि नगर विधायक रत्नाकर मिश्र के पुत्र चित्रसेन मिश्रा ने पहलवानों का हाथ मिला कर मेले का शुभारंभ किया। कुश्ती-दंगल में दूरदराज से आए दर्जन भर से अधिक पहलवानों ने अपने दांव-पेंच आजमाए। कुश्ती में विजय प्रथम, द्वितीय मनोज व तृतीय अली खान रहे। दौड़ स्पर्धा डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल से शुरू हुई जो ओझला पुल पर समाप्त हुई। 200 मीटर की दौड़ में आलोक कुमार लवकुश यादव अव्वल रहे। ऊंची कूद स्पर्धा में सुरेंद्र व मोनू जायसवाल ने बाजी मारी। तैराकी में बाल मुकुंद प्रथम, परदेसी निषाद द्वितीय वगोलू तृतीय रहे। गोताखोरी में गंगा में 50 मीटर डूबकी लगाने वाले बाल मुकुंद निषाद प्रथम रहे। नौका रेस में रामबाबू प्रथम, जितेंद्र द्वितीय व पांचू तृतीय रहे। इस मौके पर रामचंद्र निषाद, प्रदीप कुमार निषाद, नन्हे निषाद, गोवर्धन निषाद, सूरज निषाद, दिनेश निषाद, अजय कुमार ओझा मौजूद रहे।