मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी की जयंती पर नगर के लालडिग्गी स्थित लायंस स्कूल के प्रेक्षागृह में कजली महोत्सव का आयोजन किया गया। विभिन्न प्रांतो के ख्यातिलब्ध गायकों सहित कई नवोदितकला-साधकों ने अपनी उम्दा प्रस्तुतियों से खूब वाहवाही लूटी। संस्कार भारती एवं लायंस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महोत्सव में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक कजली गायन से सावनी बयार बहाई। कार्यक्रम में सभी कलाकारों को अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
कजली महोत्सव का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अनुराग पटेल व गंगा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. महेश्वरपति त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। कजली के गायक लल्लन मालवीय व देवी प्रसाद मौर्य सहित अन्य कलाकारों को डीएम ने अंगवस्त्रम् से सम्मानित किया। पंडित महेश्वरपति त्रिपाठी ने नई पीढ़ी को धरोहर संजोकर रखने व उसे आगे बढ़ाने को कहा, वहीं जिलाधिकारी ने अपनी विरासत के प्रति जागरूकता की सराहना करते हुए दिनदूना रात चौगुना संस्कृति को संरक्षित रखने पर जोर दिया। महोत्सव में लायंस स्कूल के बच्चों ने- ऽहरे रामा कृष्ण बनेमनिहारी, पहिन के सारी रे हरीऽ की प्रस्तुति कर खूब तालियों बटोरी। सुप्रसिद्ध कजली गायिका अजिता श्रीवास्तव ने स्वतंत्रतासंग्राम के दौरान गाये जाने वाले काले पानी के गीतों की प्रस्तुति कर विरहऔर बलिदान के पहलुओं को स्पर्श किया। उन्होंने ब्रिटिश काल के दातारामनागर, सुंदर गणिका की प्रेम कहानी का चित्रण गीत के माध्यम से किया।देश की ख्यातिप्राप्त कजली गायिका रागिनी चंद्रा ने- पड़े ला झिर-झिर बुंदिया की शानदार प्रस्तुतिकरते हुए सावनी बहार का चित्रण किया। कार्यक्रम में राज्य सभा सदस्य राम शकल की पुत्रवधु अंजली सिंह ने कजली प्रस्तुत कर अपनी माटी की खुशबू बिखेरी। गायक मोहन लाल कांस्यकार ने- ऽहमरेमीरजापुर में अलमस्ती क चाल बा..सुनाया। इसी क्रम में शिखा वर्मा सहित उषा गुप्ता, शशि सर्राफ, रूपा अग्रवाल, सुरेश मौर्य,मृदुला श्रीवास्तव, गिरजा शंकर सविता, संस्कृति सिंह, चंद्र प्रकाश,माया कसेरा, मो. मुस्तकीम, शिवलाल गुप्ता, देवी प्रसाद मौर्या, अजय पांडेय,सूरज सोनकर, दीपाली गुप्ता, कल्पना गुप्ता, रामकृष्ण मालवीय एवं अग्नू साहूआदि कलाकारों ने कजली की विभिन्न विधाओं को प्रस्तुत कर सावनी बयार बहाई। अतिथिओंका स्वागत महोत्सव संरक्षक विश्वनाथ अग्रवाल ने किया। संयोजक डा. गणेश प्रसाद अवस्थी नेकलाकारों के उत्साह की सराहना की। महोत्सव का संचालन विष्णु नारायण मालवीय व मीनू मिश्रा ने किया। इस दौरान डा. सरिता त्रिपाठी, डा. माया त्रिपाठी,भोलानाथ कुशवाहा, सोमेश्वर मिश्र, अरुण अग्रवाल,राजकुमार पाहवा, गोवर्धन त्रिपाठी, शंकर राय, कृष्ण मोहन, श्रीधरपांडेय, नितिन अवस्थी, गोपाल जी, विनोद सिंह सहित तमाम कजली प्रेेम उपस्थित रहे।