कैलहट। क्षेत्र के जलालपुर माफी ग्राम पंचायत भवन पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ गुरु पूजनोत्सव का आयोजन गुरुवार को संपन्न किया गया। आरएसएस के वरिष्ट वक्ता रामेश्वर सिंह ने कहा आजादी के पश्चात राष्ट्र जीवन के विभिन्न आयामों, सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय स्वाभिमान का उदय, प्राचीन संस्कृति एवं सभ्यता के प्रति उत्तरोत्तर लगाव जो परिलक्षित हो रहा है उसमें संघ का योगदान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा वैदिक काल से ही गुरु पूजन की साश्वत परंपरा रही है।
इस अवसर पर संघ निर्माता डा. हेडगेवार ने गुरु के सीमित आयु एवं मानव स्वभाव में आने वाली विसंगतियों को ध्यान में रखते हुए व्यक्ति के स्थान पर सनातन, राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक परम पवित्र भगवा ध्वज को गुरु का स्थान दिया। उसी के समक्ष स्वयं सेवकों की नेक नियति से अर्जित की गई कमाई का स्वेक्षा से समर्पण ही गुरु दक्षिणा के रूप में समर्पित की जाती है। जिसका उपयोग सेवा समर्पण संस्थान, वनवासी कल्याण आश्रम, सेवा भारती, एकल विद्यालय संचालन इत्यादि संस्थाओं के तत्वाधान में सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े प्रदेशों में विद्यालय, चिकित्सालय, कुटीर उद्योग में लगाकर धर्मान्तरित बंधुओं को स्वधर्म में परावर्तित करने के लिए एवं पूर्वी भारत के प्रदेशों में ईसाई धर्मांतरण को रोकने के लिए व्यय किया जाता है। इस अवसर पर स्वयंसेवकों का उत्साह वर्धन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीताराम सिंह ने किया इस अवसर पर राम बुलावन सिंह, आदित्य पटेल, महेंद्र प्रताप सिंह, इन्द्रसेन, शुभम पटेल, राजेश पटेल, प्रकाश चंद्र द्विवेदी, ठाकुर सूर्यपाल सिंह, सुरेश सिंह, यज्ञबली सिंह आदि मौजूद रहे।