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सड़क, सिचाई, नाली , खड़ंजा की समस्या से जूझ रहा ददरी गांव

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हलिया। सांसद अनुप्रिया पटेल के गोद लिए गए आदर्श गांव ददरी में काफी विकास कार्य हुए हैं लेकिन अभी बहुत कुछ होना बाकी है। गांव में एक से दूसरे मजरे को जोड़ने वाली आधा दर्जन सड़कें जर्जर हैं। नालियों का अपेक्षित निर्माण नहीं हुआ है। सिंचाई की अपेक्षित संसाधन नहीं हैं। ये सभी कार्य होने बाकी हैं।
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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री व सांसद अनुप्रिया पटेल ने ददरी गांव को नवंबर 2014 में गोद लिया था। उन्होंने कई बार गांव का दौरा भी किया। विभिन्न विभागों की ओर से चौपाल लगाी गई। अनुप्रिया पटेल ने गांव में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत जून 2016 में चार करोड़ 77 लाख बानबे हजार रुपये की लागत से पेयजल परियोजना स्वीकृत कराई। इसके तहत सत्रह किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी है। कार्यदायी संस्था जल निगम की ओर से परियोजना के तहत कार्य किया जा रहा है। अभी तक चौदह किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई गई है। तीन ट्यूबवेल में एक ट्यूबवेल लग चुका है जिससे जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। दो ट्यूबवेल लगाने का काम चल रहा है। ओवर हेड टैंक भी बनाया जाना बाकी है। जल निगम अभाव शाखा के अधिशासी अभियंता ने बताया कि 77 फीसदी धनराशि मिली है। जल्द ही परियोजना पूर्ण कर ली जाएगी।
इसी प्रकार सांसद निधि से तेइस लाख रुपये की लागत से गांव में शादी घर का निर्माण कराया गया है। गांव के सभी मजरों का विद्युतीकरण किया गया है। आदर्श गांव बनने से पहले 75 फीसदी आबादी विद्युतीकरण से वंचित थी। सांसद के प्रयास से गांव में दो प्राथमिक विद्यालय बड़ी ददरी और ददरी केवटान बस्ती में है। बडी़ ददरी स्थित विद्यालय में आधुनिकतम सुविधाएं दी गई हैं। दोनों विद्यालयों में अध्यापकों की कमी दूर नहीं हो पाई है। गांव में दो आंगनबाड़ी केंद्र निर्माणाधीन हैं। ददरी गांव में इलाहाबाद बैंक बरौधा की एक मिनी ब्रांच संचालित हो रही है। गांव में सड़क, नाली और सिंचाई संसाधनो की कमी। ददरी गांव को बबुरा भैरोदयाल तक राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाली दो किलोमीटर सड़क जर्जर है। गांव को एक मजरे से दूसरे मजरे को जोड़ने वाली छह सड़कों की दशा खराब है। इनमें एक भी सड़क पक्की नहीं है।
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ग्राम प्रधान धनंजय पटेल ने कहा कि सांसद अनुप्रिया पटेल ने जबसे ददरी गांव को गोद लिया है तबसे गांव में काफी विकास कार्य हुए हैं। इससे पहले ददरी गांव में कोई विकास कार्य नहीं हुआ था। रामकैलाश ने कहा कि गांव में अभी भी सड़क, बिजली, पानी और सिंचाई संसाधनों की काफी कमी है। इससे जुड़ी समस्याओं को दूर किया जाना चाहिए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। अमित कुमार ने कहा कि गांव में प्राथमिक शिक्षा के बाद की पढ़ाई की समुचित व्यवस्था नहीं है। गांव में माध्यमिक विद्यालय खुलना चाहिए ताकि बच्चों को पढ़ने के लिए दूर न जाना पड़े। नीरज कुमार ने कहा कि गांव में हॉट पैड की कमी है। सांसद आदर्श गांव में हाट पैड की व्यवस्था हो जाए तो विकास को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री आवास बनने से गांव की सूरत बदल रही है।



गांव में लगे हैं 39 हैंडपंप
ददरी गांव की आबादी 3147 है। गांव में 39 हैंडपंप लगे हैं। वर्ष 2017-18 के लिए आवंटित 141 प्रधान मंत्री आवासों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अभी 253 प्रधान मंत्री आवास की जरूरत बताई जा रही है। गांव में 299 शौचालय बने हैं लेकिन 175 और शौचालयों की जरूरत है। गांव की 297 महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस का कनेक्शन दिया गया है। अभी 500 और महिलाओं को गैस सिलेंडर और चूल्हा देने का लक्ष्य है।
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