नरायनपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग सात पर टेंगरा मोड़ वाराणसी से हनुमना तक मार्ग चौड़ी करने का गजट प्रकाशित होने के बाद जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। इसके बाद बहुत से लोगों ने अधिग्रहित की गई जमीन पर नियमविरुद्ध अवैध पक्का निर्माण कार्य करा लिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों ने सोमवार को स्थलीय जांच की। अधिग्रहित भूमि पर हुए निर्माण को चिह्नित करने का निर्णय लिया गया। भविष्य में इन भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। इसको लेकर निर्माण कराने वालों में हड़कंप मचा है।
जांच टीम का नेतृत्व कर रहे चीफ टेक्निकल मैनेजर केसी वर्मा ने बताया कि अधिग्रहित जमी पर निर्माण की शिकायत मिलने पर जांच की जा रही है। अब तक वैल्यूअर टीम की ओर से निकाली गई वैलू में गांव दर्रा, प्रतापपुर, काशीपुर, सहसपुरा, दीक्षितपुर, नकहरा आदि दर्जनो गांवों में मुख्य मार्ग व बाइपास मार्ग को चौडी करने का गजट समाचार पत्रो में कराया गया। इसके बाद भी कुछ लोगों ने अधिग्रहित जमीन पर अवैध तरीके से भवन निर्माण कर भारत सरकार को आर्थिक चोट पहुंचाने का कार्य किया गया है। जांच के तहत आसपास के लोगों का बयान और गूगल मैप के माध्यम से नवनिर्मित मकानों को चिह्नित किया जाएगा। ज्ञात हो अगस्त में गजट के बाद एनएच-7 के परियोजना निदेशक ने कहा था कि सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहीत भूमि पर नोटिस प्रकाशन के बाद बना आवास अवैध माना जायेगा। इसके बाद भी अवैध निर्माण कार्य जारी रहा। साथ ही वैल्यूअर टीम की मिलीभगत से उन अवैध नव निर्मित भवनों का अच्छा खासा वैल्यू लाखों रुपये निकाल दिया गया है। जांच टीम में शशांक सिंह व इंजीनियर सत्यम सिंह मौजूद रहेे।