मिर्जापुर। तापमान चढ़ने के साथ ही लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। जिला अस्पताल में सोमवार को उल्टी-दस्त, बुखार और पेट दर्द आदि बीमारियों से पीड़ित 1800 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें से गंभीर सौ मरीजों को भर्ती किया गया। कुछ चिकित्सकों के समय से अस्पताल नहीं आने के कारण मरीजों को दिखाने के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ी। वहीं दवा लेने के लिए मरीजों की लंबी कतार लगी रही।
तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस के पार होने, तल्ख धूप और गर्म हवाओं के प्रभाव से लोग बीमार पड़ने लगे हैं। थोड़ी सी असावधानी बरतने पर लोग उल्टी-दस्त, बुखार, सिर दर्द, पेट दर्द और लू से पीड़ित होने लगे हैं। जिले के सरकारी अस्पतालों इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सबसे अधिक बच्चे बीमार हो रहे हैं। जनपद के आठ सीएचसी और आठ पीएचसी पर गर्मी में होने वाली बीमारियों से संबंधित दवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। सबसे अधिक मरीजों की भीड़ जिला चिकित्सालय में आ रही है। जिला अस्पताल में सोमवार को 12 सौ पुरुष, पांच सौ महिलाएं तथा सौ बीमार बच्चे इलाज के लिए पहुंचे। इन मरीजोें को डॉ. आरके सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. एसके सिंह, डॉ. सुनील सिंह, डॉ. देवर्षि पाठक, डॉ. विनय कुमार, डॉ. नंदलाल साहू, डॉ. रामविनय सिंह डॉ. खेमानी, डॉ.ओपी सिंह ने देखकर दवाएं लिखीं। इसमें से लगभग 20 मरीज उल्टी-दस्त, 70 बुखार तथा दस पेट दर्द समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित थे।
जिला अस्पताल में उल्टी-दस्त के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ग्लूकोज की बोतलें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं लेकिन शुगर, ब्लड प्रेशर, एलर्जी आदि की दवा नहीं हैं। टिटनेस का इंजेक्शन नहीं है जिससे घायलों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है। जबकि अस्पताल प्रशासन ने टिटनेश का इंजेक्शन उपलब्ध होने का दावा किया है। मरीजों को टिटनेस की सुई लगानी होती है तो उनके परिजनों से बाहर से मंगवाया जाता है।
जिला चिकित्सालय में हड्डी रोग विशेषज्ञ के मौजूद नहीं रहने से सोमवार को रोगियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मरीज रामकुमार ने बताया कि वह अपने टूटे हाथ का इलाज कराने चिकित्सालय में सुबह साढ़े आठ बजे से आया है लेकिन दोपहर बारह बजे तक हड्डी का कोई डाक्टर नहीं आया है। इससे वह दर्द से तड़प रहा है। अस्पताल में तीन हड्डी रोग विशेषज्ञ डाक्टर हैं लेकिन समय से कोई नहीं पहुंचता है। मरीज दीनानाथ, सीमा, रेखा, प्रियंका, कलावती, प्रमोद, रिंकू, कल्लू आदि ने बताया कि वे डाक्टर के नहीं रहने से इलाज के लिए सुबह से भटक रहे हैं।
सीएमएस डा. केएन पांडेय ने बताया कि गर्मी में होने वाली बीमारियों को देखते हुए चिकित्सालय में सारी तैयारी कर ली गई हैं। दवाएं, ग्लूकोज आदि पर्याप्त मात्रा में है। चिकित्सकों को मरीजों का बेहतर इलाज कराने के निर्देेश दिया गया है।