मिर्जापुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल का खामियाजा बच्चों और गर्भवती माताओं को भुगतना पड़ रहा है। पोषाहार वितरण नहीं होने से कुपोषण की आशंका पैदा हो गई है। इसको देखते हुए विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। लगभग 850 चिह्नित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को का वेतन रोक दिया गया है। उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को विभाग ने पत्र भेजा है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बीते 23 अक्तूबर से हड़ताल कर रही हैं। उनकी मांग मानदेय 15 हजार रुपये मासिक करने सहित 13 सूत्री मांग मानने तक आंदोलन करने पर अड़ी हैं। सरकार ने गर्भवती महिलाओं के दोपहर भोजन और टीकाकरण का जिम्मा आंगनबाड़ी केंद्रों को सौंप रखा है। इसके अलावा बच्चों के पोषण की जिम्मेदारी भी केंद्र की ही है। मगर हड़ताल के चलते सारा काम ठप है। दो महीने से ज्यादा समय से चल रही इस हड़ताल से शिशुओं और बच्चों को कुपोषित होने का खतरा पैदा हो गया है। सरकार ने हड़ताल से उत्पन्न स्थिति के संभालने की भी कोई योजना नहीं बनाई है। जिले में 2668 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्य कर रही हैं।
छानबे ब्लॉक में 270 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत 36720 बच्चों और 6852 धात्री महिलाओं को पोषाहार नहीं मिल पा रहा है। लालगंज ब्लॉक में 1791 बच्चे कुपोषित हैं। पिछले वर्ष 25 सौ बच्चे कुपोषित पाए गए थे। 1726 गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। जमालपुर में 3328 अति कुपोषित बच्चे, 7750 कुपोषित बच्चे और 3389 गर्भवती महिलाएं हैं। नरायनपुर ब्लॉक में 4319 कुपोषित बच्चे, 2369 अतिकुपोषित और 2916गर्भवती महिलाएं है। हड़ताल के चलते गांवों में पोषाहार नही बंट पा रहा है। सीखड़ में 110आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिनमें 106 आंगनबाड़ी नियुक्त हैं। सीडीपीओ बीना श्रीवास्तव ने बताया कि हड़ताल के चलते पोषाहार का उठान नहीं हो रही है
वर्जन
धात्री महिलाओं और बच्चों को पोषाहार वितरण कराने का प्रयास किया जा रहा है। हड़ताल में शामिल 850 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चिह्नित किया गया है। इनका मानदेय रोकते हुए कार्रवाई के लिए सूची शासन को नियमित भेजी जा रही है। - प्रमोद सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
मांगों को पूरा करने की मांग
आंगनबाड़ी कार्यकताओं ने सौंपा पत्रक
कैलहट। शिवशंकरीधाम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधि मंडल केन्द्रीय स्वास्थ्य एव परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल से मिला और मानदेय वृद्घि सहित 13 सूत्री मांगों को संबंधी पत्रक दिया। केंद्रीय मंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओँ को सुना और मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। कहा कि आप लोगों की समस्याओँ को दूर करने के लिये हर संभव सहायता की जाएगी।