मिर्जापुर। विश्व मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न मानवाधिकार संगठनों द्वारा रविवार को गोष्ठी आयोजित किया गया। केक भी काटा गया। वक्ताओं ने मानवाधिकार के बारे में जानकारी दी । इस मौके पर लोगों से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील की गई।
भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन की ओर से इमामबाड़ा स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि स्थायी लोक अदालत की सदस्य डा. कृष्णा सिंह ने कहा कि मानवाधिकार के प्रति जागरूकता जरूरी है। महिलाओं के लिए कानून बनाने के बाद भी आपराधिक घटनाएं उनके मानवाधिकार का हनन करती हैं। जागरुकता, सशक्तीकरण व एकजुटता से ही इसे रोका जा सकता है। विशिष्ट अतिथि सुरेश त्रिपाठी ने कहा कि 28 दिसंबर 1993 में सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से राष्ट्रपति ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम पारित कर दिया, जिससे मानवाधिकर के अधिकारों की रक्षा की जा सके। लेकिन इसके विपरीत तमाम कानून संविधान की रक्षा व विकास के नाम पर मानवाधिकार का हनन किया बजा रहा है। जिलाध्यक्ष मनीष सिंह ने विश्व व्यापार संगठन एवं पूंजीवाद के युग में विकास के नाम पर 75 प्रतिशत देशों की आजादी के अधिकारों को खत्म करने की साजिश काज विरोध किया। कार्यक्रम के समापन पर केक काटने क बाद शाति का संदेश देते हुए आकास में गुब्बारे छोड़े गए। इस मौके पर प्रदीप सिंह, पवन उपाध्याय, रामानंद तिवारी, मंजीत सिंह, प्रमोद तिवारी, किरन गुप्ता, स्मृति गुप्ता, शहनाज बानो, शिवलोचन आदि रहे। उधर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन के तत्वावधान में इमरती रोड स्थित सरस्वती शिशु बाल मंदिर में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें उपस्थित लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। मंडल सचिव मोहनलाल यादव ने कहा कि समाज में रहने वाले सभी प्राणी मानव वर्ग के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। इसके अलावा मंडल अध्यक्ष जगदीश खरवार व अब्दुल अंसारी ने अपना विचार प्रकट किया। गोष्ठी में रियाज, रोहित कुमार, बबलू खान, शकुंतला मिश्रा, जेपी दुबे, आशीष यादव आदि मौजूद रहे। पब्लिक राइट्स आर्गनाइजेशन द्वारा तहसील रोड स्थित कार्यालय पर विश्व मानवाधिकार दिवस के मौके पर मानवाधिकार विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि संस्था के प्रदेश अध्यक्ष आरबी श्रीवास्तव रहे। उन्होंने विश्व मानवाधिकार दिवस मनाए जाने के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता सेवानिवृत्त अपर आयुक्त माताफेर ने मानवाधिकार के विषय पर विधिक जानकारी दी। इसमें संजय गुप्ता, रजत विश्वकर्मा, इरशाद अली, प्रिंस सरोज, बबलू गुप्ता, गुलाब चंद्र, राजन मौर्या, हीरामनि, इकरामुद्दीन, धवल आदि मौजूद रहे।