जिगना। बिहसड़ा बाजार में भारतीय संस्कृति सेवा संस्थान की ओर से आयोजित हो रहे रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन हो रहा है। शुक्रवार की रामलीला में जनकपुर में राम और सीता के मनोहारी मिलन का भावपूर्ण मंचन किया गया। जिसे देख ग्रामीण मंत्रमुग्ध हो गए।
रामलीला के दौरान मुनि विश्वामित्र के साथ राम लक्ष्मण को लेकर जनकपुर पहुंचे। राम लक्ष्मण गुरू की पूजा के लिए पुष्प लेने राजा जनक की बगिया में पहुंचे। वहां सखियों के साथ सीता भी आईं थीं। प्रभु राम ने लक्ष्मण से कहा अनुज यह क्या चमत्कार है कि मेरा मन विचलित हो रहा है, मै तो नारियों को मां या बहन समझता हूं। उन्होंने कहा कि देखो वही सीता हैं जिसके लिए धनुष यज्ञ का आयोजन हुआ है। राम को सीता के रूप का वर्णन भी सुनाया और फूल लेकर गुरू के पास आये। गुरू से आज्ञा लेकर दोनों भाई जनकपुर देखने गए तो चारों तरफ उनको देखने वालों की भीड़ लगने लगी। नारियों का समूह कह रहा था कि भगवान सीता का विवाह बडे़ राजकुमार से हो जाय तो ये बराबर यहां आते रहेंगे । उधर सखियों ने भी सीताजी को प्रभु श्रीराम का दर्शन करा कर कहा यही वर मिल जाय तो जनकपुर का भाग्य खुल जाय। दोनो भाई नगर दर्शन के पश्चात जनकपुर व जानकी का वर्णन करते प्रसन्न मुद्रा में वापस आकर गुरु सेवा में लग गए। इस दौरान गोपालदास जायसवाल, कैलाश अग्रहरी, अनिल सिंह, बलराम जायसवाल, आशेंद्र सिंह, राणा प्रताप सिंह, बिंदेश्वरी बिंद आदि मौजूद रहे।