डीआरएम अमिताभ कुमार ने बुधवार को मिर्जापुर स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। स्टेशन पर गंदगी देखकर वे भड़क गए। कहा कि साफ सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार लाएं। निर्माणाधीन स्वचालित सीढ़ी को जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया। साथ ही रेलवे स्टेशन के बाहर चुनार व लखनिया दरी तथा विढम फाल का चित्र लगाने को कहा। स्टेशन के प्रवेश द्वार को उन्होंने बड़ा बनाने को कहा।
डीआरएम ने कहा कि मिर्जापुर और विंध्याचल में साफ सफाई व्यवस्था में काफी सुधार की जरूरत है। जिगना और गैपूरा में बन रहे पुल के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया गया उन्होंने कहा कि मिर्जापुर और विंध्याचल में ठेके पर सफाई व्यवस्था होती है। जिसपर ध्यान नहीं देने के कारण लापरवाही बरती जा रही है। इससे चारों तरफ गंदगी ही गंदगी है।
उन्होंने स्वाचालित सीढ़ी के बारे में कहा कि इसका नक्शा सही नहीं बनाया गया है। इसे दूसरे तरीके से बनाना चाहिए था। तीनों प्लेटफार्मों को देखते हुए पार्सल व अन्य स्थानों पर बिखरे सामानों को एक स्थान पर रखने को कहा। स्टेशन मास्टर कक्ष में पहुंचे और गाड़ियों के परिचालन में आने वाली समस्या केे बारे में जाना। ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर ने बताया कि कालोनी के सारे कमरे के दरवाजे टूट गए हैं। नाली जाम है। शौचालय भी खराब है। इस पर उन्होंने तत्काल सीनियर डीसीएम को कर्मचारियों के जर्जर कमरों की मरम्मत कराने को कहा। पानी की समस्या पर जानकारी लिया। पानी की सप्लाई के लिए डीआरएम ने तीन नए ट्यूबवेल लगाने को कहा। एक ट्यूबवेल को पांच जून तक लगवाने का निर्देश दिया। बाकी को दो महीने के अंदर पूर्ण कराने को कहा। स्टेशन के बाहर पार्क और पूरे परिसर का निरीक्षण कर उसे सुंदर बनाने को कहा। इस दौरान आरपीएफ इंस्पेक्टर सुरेंद्र यादव, जीआरपी प्रभारी केदानाथ मौर्या, रामकुमार विश्वकर्मा, नितिन विश्वकर्मा, सीवी पटेल, आदि मौजूद रहे। इनसेट
टेंडर निरस्त करने को कहा
मिर्जापुर और विरोही में शौचालय के निर्माण में हीलाहवाली कर रही कार्यदायी संस्था का टेंडर निरस्त करने को कहा। कहा कि उसका तत्काल टेंडर निरस्त कर दूसरे को दिया जाए जिससे शौचालय का निर्माण हो सके।