मिर्जापुर। पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं उत्तर प्रदेश शासन महेंद्र मोदी ने कहा कि गांव के खेत का पानी गांव में रोक कर जल संचय करें, ताकि पानी का स्तर ऊपर आ सके। उन्होंने कहा कि जल संचयन के लिए मृतप्राय कूपों, तालाबों, हैंडपंपों तथा गांव से निकलने वाले नालों का जीर्णोद्घार करना होगा, तभी हमे राहत मिलेगी। डीजीपी तकनीकी सोमवार को पुलिस लाइन के सभागार में जिले के सभी अधिकारियों के साथ एक गोष्ठी में जल कम खर्च पर जल संचयन के बारे में जानकारी दे रहे थे।
उन्होंने कहा यह कार्य गांव के लोगों के द्वारा श्रमदान से ही कम समय व कम खर्च से संभव हो सकता है। कूपों व तालाबों के जीर्णोद्घार के लिए प्राय देखा जाता है कि वर्षा के समय खेत का पानी बह कर नालों व नदियों में चला जाता है। इससे हमारे खेत में पानी नहीं रुक पाता है। इसके चलते खेतों के आसपास का जलस्तर काफी नीचे चला जाता है। बताया कि यदि खेत के ढलान पर कुछ तकनीकी तरीके के कूप बना कर वर्षा के जल को रोका जाए तो उसी पानी से खेतों की सिंचाई की जा सकती है। आसपास के जलस्तर को ऊपर लाया जा सकता है। जल संचयन के बारे में उन्होंने कहा कि गांवों के तालाबों को ग्राम प्रधान श्रमदान के द्वारा जीर्णोद्घार कराएं। उसमें आसपास के पानी आने का रास्ता भी बनाएं। तालाबों के जीर्णोद्घार के द्वारा भी पानी के स्तर में सुधार लाया जा सकता है। कहा कि अक्सर वाष्पीकरण के द्वारा तालाबों व कूपों का पानी उड़ जाता है उसे भी रोकने की आवश्यकता है, ताकि अधिक दिन तक पानी रोका जा सके। डीजीपी तकनीकी ने सुझाव दिया कि कुओं को पानी निकालने की जगह बनाते हुए शेड के द्वारा ढंका जाए ताकि तालाब व कूओं का पानी वाष्प बन कर उड़ न सके। जलाशयों को संरक्षित कर वर्षा के पानी को रोका जा सकता है। उन्होंने सभी प्रधानो ं को जल संरक्षण मुहिम चलाने का आवाहन करतछे हुए कहा कि बिना पानी के जीवन जीना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए सभी को मिल कर प्रयास करना होगा। बताया कि छतों पर पानी रोक कर उसे नाली के जरिए टंकी में पानी लाया जा सकता है। जिसे जाली के माध्यम से फिल्टर कर पीने योग्य भी बनाया जा सकता है। कहा कि गांवों में शौचालय की संख्या बढ़ रही है जिसके चलते पानी की मांग भी बढ़ेगी। इसलिए उसी के ऊपर एक टंकी बना कर वर्षा का पानी रोका जा सकता है। कम स्थान में प्रदूषण रहित जल प्रबंधन कैसे किया जाए इसके बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संचयन कर साल भर शुद्घ जल घरेलू आवश्यकता में कैसे लाया जाए, घरों को बिना बिजली जलापूर्ति कैसे की जाए, जल प्लावन की समस्या से निपटने, नालों की संरचना बेहतर जल प्रबंधन के लिए कैसी रखी जाए। इन सभी के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर आईजी जोन प्रेम प्रकाश, एसपी आशीष तिवारी, सीडीओ प्रियंका निरंजन, डीएफओ ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इसके अलावा जल निगम के अधिशासी अधिकारी एके सिंह, एएसपी आपरेशन हफीजुर रहमान समेत अन्य अधिकारी व प्रधान उपस्थित रहे।