शेरवां। जमालपुर ब्लॉक में डिग्री कॉलेज की कमी पूरी नहीं होने से आसपास के ग्रामीण इलाकों के छात्र-छात्राओं को इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जहां तहां भटकने को विवश हैं। ब्लाक में हाईस्कूल इण्टर मीडिएट कालेजों का जाल बिछाया हुआ है लेकिन इसके बाद की पढाई छात्र-छात्राएं कहां करें यह अभिभावकों को भी समझ में नहीं आ रहा है।
पूर्व में जनप्रतिनिधि किसानों से जमालपुर मे जमीन मुहैया कराने की बात कह कर पल्ला झाड़ते रहे। संयोग से वर्ष 2011 -12 में जमालपुर के गांव के लोग डिग्री कॉलेज की स्थापना के लिए चकबंदी विभाग से जमालपुर ग्राम पंचायत में हो रही चकबंदी के दौरान लगभग छह बीघा जमीन मुहैया करा लेने में सफलता हासिल कर ली। बावजूद जनप्रतिनिधियों द्वारा राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना नहीं कराया गया। आलम यह है कि जमालपुर ग्राम पंचायत में डिग्री कॉलेज की स्थापना के नाम पर छोड़ी जमीन का उपभोग ग्राम पंचायत कर रही है।जमीन उपलब्ध होने के बाद पूर्व विधायक जगतंबा सिंह पटेल ने डिग्री कॉलेज की स्थापना की घोषणा भी किया लेकिन यह केवल घोषणा ही साबित हुआ। चुने गए जनप्रतिनिधि यहां के छात्र छात्राओं के सपनों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की अदूरदर्शी नीतियों के चलते उच्च शिक्षा के लिए गरीब छात्र छात्राओं को तरसना पड़ रहा है। जमालपुर क्षेत्र के छात्र छात्रओं को इंटर की डिग्री हासिल करने के बाद डिग्री कॉलेज नहीं होने की स्थिति में बीच में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ जाती है। संपन्न परिवार के बच्चे वाराणसी, मुगलसराय, मिर्जापुर, जाकर उच्च शिक्षा हासिल तो कर लेते हैं लेकिन गरीब परिवार के सैकड़ों बच्चों को उच्च शिक्षा नसीब नहीं हो रही है, जबकि प्रदेश व केन्द्र में बैठी भाजपा की सरकार सभी को उच्च शिक्षा मुहैया कराने का दावा कर रही है जनप्रतिनिधि आजादी के बाद 70 वर्षों से यहां के लोगों को डिग्री कॉलेज की स्थापना के नाम पर आश्वासनों की घुट्टी पिलाते रहे हैं। बताते चलें कि यहां से चुने गए जनप्रतिनिधियों को प्रदेश व केन्द्र सरकार में मंत्री होने का भी गौरव प्राप्त हो चुका है। जमालपुर के आमोल संदल ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री से डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग की है। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के श्रीकांत संदल, मनोज कुमार, धनंजय तिवारी,अभिषेक तिवरी, विद्यासागर, महेन्द्र, जयप्रकाश, आकाश दूबे, नितेश द्विवेदी, अभय तिवारी, रामबाबू चौहान, अनिल कुमार मौर्या आदि छात्रों ने 17 सितंबर को बाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर जमालपुर मे डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग करने का निर्णय लिया है।