राजगढ़। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूति को भोजन एवं नाश्ता नहीं मिल रहा है। भोजन नहीं मिलने से नाराज तीमारदारों ने शनिवार को हंगामा किया। उनका कहना था कि बदइंतजामी के चलते मरीजों को भोजन नहीं मिल रहा है। इसकी जांच कराई जानी चाहिए।
सरकार अस्पतालों में प्रसव पर जोर दे रही है। मगर अस्पतालों में पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। प्रसूताओं को अस्पताल में फल और दूध देना बंद कर दिया गया है। विगत 20 दिन से राजगढ़ के प्रसूताओं को 24 घंटे बिना भोजन के रखने के बाद उनको खाली पेट घर भेज दिया जा रहा है। प्रसूताओं में नदिहार की सीतादेवी, चौखड़ा की नीतू देवी, खन्तर की प्रीति, सक्तेशगढ़ की वविता देवी, निकरिका की रागिनी, विशुनपुरा की बृषल को शनिवार को भोजन नहीं मिला तो उनके परिवार वालों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि कुछ दवाएं भी बाहर से मंगाई जा रही हैं और भोजन भी नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते अस्पताल से जल्दी छूट्टी दे दी जा रही है। चिकित्सकों ने समझाबुझाकर शांत कराया।
इनसेट
भोजन, दूध, फल के ठेकेदार मिर्जापुर के हैं। धन का भुगतान नहीं होने पर उसने भोजन की आपूर्ति बंद कर दी है। गत 20 दिन से प्रसूताओं को भोजन नहीं मिल रहा है।-प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ डीके सिंह