मड़िहान। प्रशासनिक खौफ से देवरी पहाड़ियों पर इन दिनों सन्नाटा पसरा दिखाई पड़ रहा है। अवैध खनन मामले में जिलाधिकारी के आदेश पर तहसील क्षेत्र में सीमांकन के लिए आधा दर्जन लेखपालों की टीम लगाई गई है।गठित टीम द्वारा मड़िहान के देवरी,धनावल,पथरौर में सीमांकन किया जा रहा है। सीमांकन के चलते अवैध पत्थर उद्योग पर ग्रहण लग गया है। पत्थर का काम बंद होने से हजारों मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है।मजदूरों के चले जाने से पहाड़ियों पर सन्नाटा पसर गया है।
देवरी पहाड़ी पर 24 घंटे चहलपहल रहती थी। सूर्योदय से सूर्यास्त तक बोर व ब्लास्ट के काम में मजदूर लगे रहते थे। हांलाकि बारूद का विस्फोटक रोकने पर कभी किसी अधिकारी ने प्रयास नही किया है।विस्फोट से कई किलोमीटर तक में बने मकान दहलते हैं।सीमांकन में एफआईआर के भय से लाखों की संपत्ति छोड़ कर क्रेशर प्लांट मालिक भी भूमिगत हो गए हैं। मजदूरों के घर चले जाने सेक़स्बा स्थित दूकानों पर असर पड़ने लगा है। दूकानदारों के सामने रोजी रोटी के लाले पड़ने लगे हैं। गौरतलब है कि हाल के दिनों तक आसपास के पहाड़ी इलाकों में जम कर अवैध खनन का खुला खेल चलता रहा है। इस खेल में प्रशासनिक लोग भी शामिल थे। इनमें सबसे बड़ा हाथ उपजिलाधिकारी के स्टेनो का था जो लोगों से पैसे लेकर उन्हें अवैध खनन के लिए संरक्षण प्रदान करता था। एक टीवी चैनल द्वारा किए गए स्टिंग आपरेशन के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ जिसमें कई खननकर्ताओं के खिलाफ निर्धारित स्थान से हट कर खनन करने पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष के भाई भी शामिल रहे। इसी तरह अहरौरा क्षेत्र में भी कई लोगों पर अवैध खनन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।