मिर्जापुर। भाई-बहन के अटूट प्यार का पर्व रक्षा बंधन जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है, वैसे-वैसे नगर के बाजारों में राखियों की दूकानें सजनी शुरू हो गई हैं। नगर की बाजारों में इंडियन राखियों के साथ कुछ चाइनीज राखियां भी बेची जा रही हैं। राखियों के दामों में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 10-15 फीसदी बढ़ोत्तरी के बाद भी ग्राहक सस्ती राखियों की अपेक्षा ब्रांडेड कंपनियों की राखियां कुछ ज्यादा ही पसंद कर रहे हैं। सजी दूकानों पर पांच रुपये से लेकर पांच सौ रुपये प्रति पीस की राखियां बिक रही हैं।
नगर के प्रमुख बाजारों में सजी राखियों की दूकानों पर एक से बढ़ कर एक आकर्षक राखियां बिकने के लिए सजा दी गई हैं। सड़क पटरियों पर सजी दूकानों पर इंडियन राखियों की बहार है, वहीं आभूषण की दूकानों पर चांदी की राखी बिकने के लिए सजा दी गई है। अपने भाई को बाहर राखी भेजने के लिए बहनें राखियों की खरीदारी करनी शुरू कर दी हैं, वहीं फुटकर राखियां बेचने के लिए दूकानदार राखियों के थोक विक्रेताओं के यहां पहुंचने लगे हैं। राखियों के बाजार में हुई 10-15 प्रतिशत बढ़ोत्तरी का असर देखने को नहीं मिल रहा है, लोग रक्षा बंधन पर्व से पैसे को लेकर कोई समझौता करते नहीं दिखाई दे रहे हैं। राखियों की दूकानों पर पहुंच कर बहनें अपनी अपनी बजट अनुसार राखी की खरीदारी करने में जुट गई हैं। दूकानों पर फोम की राखी सहित जरी, मोती, रूद्राक्ष, नग सहित कई अन्य किस्मों की राखियां छाई हुई हैं। हालांकि इस बार रक्षा बंधन के पर्व पर बाजारों में चाइनीज राखियां उतनी नहीं दिखाई दे रही हैं, जितनी पिछले वर्ष दिखाई दे रही थीं। नगर के मुकेरी बाजार के खोवा मंडी स्थित मंसूर भाई राखी वाले ने बताया कि पर्व को देखते हुए दूकानों पर फुटकर विक्रेताओं सहित बहनों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है, लोग अपने बजट अनुसार राखियों की खरीदारी कर रहे हैं।