कछवां। रामचंद्रपुर गांव का निरीक्षण यूनिसेफ की निदेशक हेनरिटा एच फोर करने वाली हैं। इसको देखते हुए रामचंद्रपुर गांव में सड़क बनाई जा रही है। गांव को संवारने का काम किया जा रहा है। वहीं गांव की आबादी को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। अधिकारी इस बात को लेकर गफलत में हैं कि वे किस आकड़े को सही मानें।
भारत सरकार की बेवसाइट पर रामचंद्रपुर गांव में 494 परिवार दर्ज है। इसमें 494 परिवारों को शौचालय बना हुआ दर्शाया गया है। इसके पहले अपर निदेशक पशुपालन विभाग और मत्स विभाग ने मिलकर सत्यापन किया तो पाया कि रामचंद्रपुर में 333 परिवार हैं और 333 परिवार के मकान में शौचालय बने हैं। स्थानीय टीम ग्राम विकास अधिकारी ने सत्यापन किया तो अपनी रिपोर्ट में रामचंद्रपुर गांव में 210 परिवार होना पाया और 210 लोगों के यहां शौचालय बना हुआ पाया है। इसमें 110 सरकारी अनुदान से 100 शौचालय ग्रामीणों को प्रेरित करके बनवाया गया है। रामचंद्रपुर में स्कूल शौचालय, ग्रामीण शौचालय, और दिव्यांग बच्चों के शौचालय व इंटरलाकिंग आदि कार्यों का निरीक्षण कर जल्द प्राथमिक विद्यालय को स्वच्छ विद्यालय बनाने का निर्देश दिया गया है। एडीओ पंचायत मछवां रविकांत ओझा ने बताया कि जनगणना के आधार पर 274 परिवार है जो सही है। मत्स विभाग और पशु विभाग सर्वे सही नहीं है।
रामचंद्रपुर गांव को एक साल पहले ही ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। गांव में बने शौचालय के साथ इंसीनरेटर बनाया गया है जहां माहवारी के दौरान इस्तेमाल किए गए गंदे कपड़े का निस्तारण किया जाता है। यूनिसेफ की टीम यहां कई बार शौचालय की जांच कर चुकी है। तीन अक्तूबर को यूनिसेफ टीम के साथ न्यूयार्क से निदेशक हेनरिटा एच फोर आ रही हैं । इसके देखते हुए जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने रामचंदरपुर गांव का निरीक्षण किया था। उन्होंने शौचालयों को देखा था। मंडल के डिप्टी डायरेक्टर रामजीयावन गुरुवार को ब्लाक मुख्यालय पहुंचे। एडीओ पंचायत कार्यालय पहुंचे डिप्टी डायरेक्टर ने रामचंदरपुर गांव में शौचालयों की सूची मांगी तो तीन अलग अलग सत्यापन सूची सौंपी गई। इस पर उन्होंने एडीओ पंचायत को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने जब बीसी को बुलाया तो वह मौके पर नहीं मिले जिसपर उन्होंने नारागी जताई। उन्होंने उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।