मड़िहान। एसडीएम साविता यादव व सीओ ऑपरेशन हितेंद्र कृष्ण की संयुक्त टीम ने बुधवार को देवरी कला गांव स्थित महिला सुधार गृह का औचक निरीक्षण किया। लगभग एक घंटे तक हुए गहन निरीक्षण में किशोरियों के खानपान व रहन सहन के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। जांच पड़ताल के दौरान कुछ किशोरियां संचालक के सगे संबंधी थी तो कुछ वहां महिला कर्मचारियों के गांव की थी। सभी किशोरियां पूछे जा रहे प्रश्नो पर रटा रटाया जबाब दे रही थी।
किसी का कहना है कि घर परिवार से परेशान हो केंद्र में शरण ली हैं तो कुछ ने गांव के मजनुओं के भय से गांव घर छोड़ दिए जाने की बातें बतलाई। विकास खंड हालिया क्षेत्र के मटियरा गांव निवासिनी निशा आदिवासी ने बताया कि पारिवारिक कलह से घर छोड़ने को विवश हो गयी थी । लेकिन रजिस्टर में अंकित सामाजिक सुरक्षा के लिए सुधार केंद्र में रखा जाना दिखाया गया है। जुडिया गांव निवासी गीता ने बताया कि जंगल मे घर होने के कारण गांव के लोग परेशान किया करते हैं। मिर्जापुर निवासी कुमकुम सागर के पिता अस्पताल में माता प्राइवेट संस्था में काम करने जाते हैं। घर में अकेले होने के कारण सुरक्षा के लिए सुधार गृह में रहती है। सोनभद्र महुअरिया निवासिनी अधीक्षिका सरस्वती देवी की परिचित निशा भारतीय ने बताया कि गांव में कोई सुरक्षा नहीं है। यही नही समझ में आया कि जिस कलेजे के टुकड़े को एक पल भी माँ आखों से ओझल नही देख सकती। परिवार इतनी दूर कैसे रख सकता है।