जल निगम को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग बनाने की मांग को लेकर जल निगम के इंजीनियरों और कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। सरकार द्वारा जल निगम के कर्मचारियों की मांग पूरी नही होने से काफी रोष व्याप्त है। जल निगम के कर्मचारी सातवें वेतनमान की भी मांग कर रहे है।
अधिशासी अभियंता कार्यालय अभाव शाखा परिसर में उत्तर प्रदेश जल निगम समन्वय समिति के तत्वावधान में कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन चल रहा है। डिप्लोमा इंजीनियर्स संगठन के महामंत्री गौरीशंकर सिंह कुशवाहा ने कहा कि जल निगम के प्रशासकीय विभाग बनने से कर्मचारियों को काफी लाभ मिलेगा। प्रशासकीय विभाग नहीं बनने के चलते कर्मचारियों को समय से वेतन, वेतनमान का लाभ, पेंशन आदि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उदयनाथ सिंह यादव ने कहा कि जल निगम को पूर्व की भांति प्रशासकीय विभाग बनाया जाए। श्याम बच्चन सिंह ने कहा कि पेयजल व स्वच्छता सेक्टर का अलग प्रशासकीय विभाग और मंत्रालय बनाने से जहां एक तरफ प्रदेश की जनता को पाइप पेयजल योजना द्वारा घर घर को शुद्घ पेयजल उपलब्ध होगा। प्रवक्ता संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि जल निगम के कर्मचारियों की वेतन और पेंशन संबंधी समस्याओं का समाधान होगा। लखनऊ जल निगम मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना प्रारंभ किया जाएगा। प्रवीण चौरसिया ने कहा कि उत्तरदायित्व और जवाबदेही निर्धारण के लिए अन्य प्रदेशों की भांति लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग का गठन हो। इस दौरान सुनील कुमार सिंह, आरसी मौर्य, मंजीत कुमार, यशवंत प्रजापति ने अपने विचार किया। धरने में विनित उपाध्याय, अरूण कुमार, नर्वदेश्वर, दिनेश कुशवाहा, मो. आशाफ खां, अरूण श्रीवास्तव, छोटेलाल यादव सहित सभी जल निगम के कर्मचारी शामिल रहे।