मिर्जापुर। गंगा नदी पर निर्माणाधीन बरैनी भटौली पुल का निर्माण कार्य पूरा होने में बजट की कमी रोड़ा बन रही है। वर्ष 2006 में इस पुल का शिलान्यास हुआ था लेकिन एक दशक बीत जाने के बाद भी पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। धीमी गति से कार्य होने के कारण बीतते समय के साथ ही लागत भी बढ़ गई। 58 करोड़ रुपये में बनकर तैयार होने वाले पुल की लागत अब करीब 81 करोड़ रुपये हो गई। सेतु निगम का काम लगभग पूरा हो चुका है लेकिन लोक निर्माण विभाग के अधिकारी बजट की कमी बताते हुए अपने हिस्से का कार्य नहीं पूरा कर सके हैं। हालांकि शासन ने मई तक पुल का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है लेकिन काम की गति देखकर तय समय तक काम पूरा हो पाना मुश्किल प्रतीत हो रहा है। यह पुल चालू होने के बाद वाराणसी से मिर्जापुर और जिला मुख्यालय से सीखड़ तथा कछवा की दूरी करीब 25-25 किलोमीटर कम हो जाएगी जिससे लोगों को सहूलियत होगी।
कछवां के गांधी विद्यालय के प्रांगण में 2006 में आयोजित समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने भटौली पुल का शिलान्यास किया था। तब से अब तक इसका काम रुक-रुक कर चल रहा है। पुल के लिए पहले 39 करोड़ 48 लाख रुपये मिले थे जबकि कुल बजट 58 करोड़ 89 लाख रुपये का था। तीन साल में पुल चालू किया जाना था। 2007 में बसपा की सरकार बनने के बाद पुल का निर्माण कार्य रुक गया। दिसंबर 2011 में 36 करोड़ 27 लाख का बजट फिर भेजा गया। इस रकम से पुल से सटे सड़क बनाई जानी थी लेकिन धीमी गति से कार्य होने के कारण लागत बढ़ती गई। वर्ष 2012 में सपा के सत्ता में आने के साथ पुल निर्माण में तेजी आई। वर्ष 2013 में प्राइवेट कंपनी सिम्पलैक्स को पुल के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। पर समय से कार्य पूर्ण न करने पर उसे हटा दिया गया और फिर से सेतु निगम को पुल बनाने को कहा गया। 81 करोड़ पुनरीक्षित बजट भेजने के साथ ही पुल निर्माण का समय भी बढ़ा कर मार्च 2017 कर दिया गया। तय समय में पुल का कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी सेतु निगम ने ली। 81 करोड़ में 70 करोड़ 81 लाख 47 हजार रुपये पुल बनाने में खर्च करना था और पीडब्ल्यूडी की ओर से 10 करोड़ 58 लाख 54 हजार सड़क निर्माण पर खर्च किया जाना था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने सड़क निर्माण के लिए 34 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा है जो अभी पास नहीं हुआ है। इसके चलते सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका है। गंगा पर बरैनी भटौली पुल के लिए 81 करोड़ रुपये अंतिम पुनरीक्षित बजट 29 जून 2016 को शासन ने दिया था। सेतु निगम का कहना है कि पक्का पुल का निर्माण 99 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। इस पुल का निर्माण कार्य धीमी गति से चलने से लोगों में निराशा है।
उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम एके सिंह ने बताया कि 984 मीटर लंबे और 7.5 मीटर चौड़े इस पुल की लागत 70 करोड़ 81 लाख रुपये थी। अभी 63 करोड़ रुपये खर्च हो चुके है। पुल पूरा करने में एक करोड़ पचास लाख रुपये खर्च हो सकते हैं। लक्ष्य के मुताबिक मार्च 2017 तक कार्य पूरा नहीं हुआ। अब पहली मई 2018 को पुल का कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। 2006 में पुल के शिलान्यास के समय पुल की अनुमानित लागत 62 करोड़ रुपये थी जो बढ़कर अब 70 करोड़ 81 लाख रुपये हो गया है। गंगा पुल के निर्माण का 99 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। अब डेंटिंग पेंटिंग का कार्य बाकी है।