विंध्याचल। बुधवार को पूरे दिन थम-थम कर हुई बारिश से चहुंओर गंदगी और फिसलन से विंध्याचल की सड़कों से गुजरना मुश्किल हो गया। पालिका प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि धाम क्षेत्र की गलियों, गंगा घाटों व सड़कों पर नियमित साफ-सफाई नहीं कराए जाने से दूरदराज से आने वाले दर्शनार्थियों को विंध्याचल मंदिर जाने में असुविधा का सामना करना पड़ा। बारिश बाद विंध्य की सातों गलियों की ध्वस्त व जाम नालियां ओवरफ्लो करने लगी, जिससे आवाजाही में भक्तजन फिसलते रहे।
विंध्याचल जहां शारदीय, वासंतिक एवं गुप्त नवरात्र के अलावा साल के हर दिन देश के कोने-कोने से दर्शनार्थियों का आगमन होता है, बावजूद इसके विंध्य क्षेत्र में आस्थावानों को तमाम मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ता है। विंध्य की गलियों, प्रमुख सड़कों, बाजारों में जगह-जगहङ फैले कूड़ा-करकट मुंह चिढ़ाते रहते हैं, वहीं खुली, जाम व ध्वस्त नालियो के चलते संक्रामक बीमारियों का भी खतरा बना रहता है, बावजूइ इसके न तो जिला प्रशासन और न ही पालिका प्रशासन का ध्यान इस ओर जा रहा है। बुधवार को निरंतर हो रही बारिश के चलते पालिका प्रशासन की कलई खुल गई और जगह-जगह जलनिकासी की समस्या खड़ी हो गई। बारिश का पानी सड़कों से नहीं निकलने से भक्तों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। रोडवेज एवं प्राइवेट बस स्टैंड परिसर सहित पटेंगरा नाला, रेहड़ा चुंगी, निहूत महावीर मंदिर के समीप, कंतित, दूधनाथ तिराहे स्थित रेलवे अंडरग्राउंड पुल के नीचे, शिवपुर की कई बस्तियों, सीएचसी रोड, बावली चौराहा के शर्मा गली, रेलवे स्टेशन रोड सहित कई अन्य स्थानों पर जलभराव व कीचड़ फैले होने से श्रद्घालुओं को आवगामन में असुविधा का सामना करना पड़ा। बुधवार को मां विंध्यवासिनी देवी का दर्शन-पूजन करने बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे थे, लेकिन धाम क्षेत्र में फैली तमाम दुर्व्यवस्थाओं के चलते भक्तों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।