फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फसल उत्पाद बढ़ाने के लिए कराएं मृदा की जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
मिर्जापुर। राजीव गांधी दक्षिणी परिसर बरकछां स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय कृषि विज्ञान केंद्र में बुधवार को विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस पर पूर्व रबी किसान सम्मेलन-2016 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विज्ञान संस्थान वाराणसी के निदेशक प्रो. रवि प्रताप सिंह ने पं. मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया। केंद्र के अध्यक्ष प्रो. श्रीराम सिंह ने उपस्थित किसानों व अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के आयोजन व उसके उद्देश्यों के बारे में बताया।
विज्ञापन

मुख्य अतिथि अपना दल एस के जिलाध्यक्ष रमाकांत पटेल ने किसान हित में चलाए जा रहे कार्यक्रम पर चर्चा करते हुए आधुनिक कृषि तकनीकी अपनाने व फसल लेने से पहले मृदा की जांच कराने का आह्वाहन किया। कृषि विज्ञान केंद्र वाराणसी के निदेशक ने फसल उत्पाद बढ़ाने के लिए मृदा की जांच को आवश्यक तत्व बताते हुए किसानों को उन्नतिशील प्रजातियों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि किसान केंद्र पर उपलब्ध मृदा परीक्षण सेवाओं का लाभ प्राप्त करें। कवक एवं पौधरोग विज्ञान विभाग के पूर्व प्रो. आरबी सिंह ने रबी फसलों में लगने वाले रोगों एवं उनके प्रबंधन के बारे में बताया। केंद्र के वरिष्ठ पशुपालन वैज्ञानिक प्रो. गुरू प्रसाद सिंह ने पशुओं द्वारा उत्पादित खाद और इसका मृदा पर पड़ने वाले प्रभाव तथा फसल उत्पादन में इसके लाभ के बारे में बताया। प्रो. संत प्रसाद ने रबी खेती के आधुनिक आयामों की जानकारी दी। मृदा वैज्ञानिक डॉ. एसएन सिंह ने फसलों में रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभाव तथा इसका मृदा व जल पर पड़ने वाले प्रभाव के साथ-साथ जैविक खेती की जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें