मिर्जापुर। असंयमित आहार-विहार, प्रदूषण, तनाव और अधिक उम्र में शादी के चलते महिलाओं में बांझपन की समस्या बढ़ रही है जो चिंता का विषय है। ये बातें मिर्जापुर आब्स एंड गायनी सोसाइटी की ओर से जंगीरोड के एक होटल में आयोजित कार्यशाला में स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलन से किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सकों ने बताया कि वर्तमान परिवेश में लड़कियों की बढ़ती उम्र में विवाह करना भी बांझपन का प्रमुख कारण है। मुख्य अतिथि डा. गीता खन्ना ने वर्तमान समय में महिलाओं में बढ़ रहे बांझपन की समस्याओं को चिंताजनक बताया। मिर्जापुर आब्स एंड गायनी सोसाइटी की अध्यक्ष डा. साधना जायसवाल ने भी बांझपन की समस्या के कारणों के बारे में जानकारी दी। इसी क्रम में डा. रूपाली बस्सी, डा. कुलदीप जैन, डा. मीना विश्वकर्मा, डा. मीना जैन ने भी बांझपन की समस्या के कारण व निवारण के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान पैनल डिस्कशन में डा. गीता खन्ना, डा. अनुराधा खन्ना, डा. साधना जायसवाल, डा. मीना जैन, डा. मधु शारदा, डा. उषा यादव, डा. दिव्या अग्रवाल, डा. रीतू दुआ, डा. प्रज्ञा कसेरा, डा. अर्चना कसेरा, डा. भावना तिवारी रहीं। वरिष्ठ चिकित्सक डा. सीपी सिंह ने सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम में मिर्जापुर आब्स एंड गायनी सोसाइटी की अध्यक्ष डा. साधना जायसवाल, उपाध्यक्ष मीना जैन, सेक्रेटरी डा. मीना विश्वकर्मा व कोषाध्यक्ष डा. रीतू दुआ ने धन्यवाद ज्ञापित की। कार्यक्रम में सभी चिकित्सकों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। आईएमए के अध्यक्ष डा. एके गर्ग, सेक्रेटरी डा. एसएन पाठक, एसएन विश्वकर्मा, सहित कई अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।