मिर्जापुर। शासन के निर्देश पर जिले के चौदह शासकीय अधिवक्ताओं को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है। इसकी जानकारी होने पर शासकीय अधिवक्ताओं ने न्यायालय में बयान जिरह नहीं किया। इससे डीजे और एडीजे न्यायालय में कार्य प्रभावित रहा। मुकदमों में वादकारियों को लौटना पड़ा। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने शासन के आदेश को शासकीय अधिवक्ताओं को उपलब्ध कराया है लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था का कोई आदेश नहीं दिया है।
जनपद न्यायाधीश और जिलाधिकारी अनुराग पटेल अवकाश पर हैं। अब उनके आने के बाद ही कुछ हो सकता है। वहीं शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रमेंद्र कुमार शुक्ला 24 जून 2018 को 60 वर्ष की आयु पूरी करने के कारण सेवानिवृत्त हो चुके हैं। डीएम ने उन्हें चार जून को पत्र देकर सेवानिवृत करा लिया था। अधिवक्ताओं का कहना है कि शासन ने 25 जून 2018 को आदेश दिया जिससे यह परिलक्षित होता है कि बिना जनहित को ध्यान रखते हुए शासन ने यह निर्णय लिया है। वर्ष 2016 में सपा शासन काल में 14 अधिवक्ता सरकारी अधिवक्ता के रूप में नियमानुसार नियुक्त किए गए थे। इनको बिना कारण बताए उनका नवीनीकरण न करते हुए उनको कार्य मुक्त कर दिया गया। शासकीय अधिवक्ताओं में आशुतोष अग्रवाल, रमेंद्र कुमार शुक्ल, जय शंकर यादव, प्रदीप कुमार सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, श्यामधर पांडेय, अरविंद्र कुमार यादव, राजेश कुमार यादव, इस्लाम अहमद, अमरनाथ यादव, भोलानाथ कुशवाहा, सुरेंद्र कुमारर यादव, अनिल कुमार सिंह, सुनीता गुप्ता का नवीनीकरण निरस्त किया गया है।
शासकीय अधिवक्ताओं की नए सिरे नियुक्त करने की प्रक्रिया अपनाने के लिए कहा गया है। इसमें कम से तीन महीने का समय लगेगा। इसलिए जिलाधिकारी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 14-14 दिन के लिए अधिवक्ताओं को अस्थायी तौर पर नियुक्ति कर न्यायालय का कार्य करा सकते हैं। ताकि न्यायिक कार्य बाधित न हो।