पड़री। विकास खंड पहाड़ी के कई परिषदीय स्कूलों का बृहस्पतिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसी विद्यालय में बच्चे परिसर में घूमते मिले तो कई शिक्षक बिना सूचना के ही गायब मिले। पूर्व माध्यमिक विद्यालय तोसवा में बच्चे एरोप्लेन का अर्थ नहीं बता पाए और कक्षा आठ के बच्चे चीफमिनिस्टर तक नहीं लिख सके। बीएसए ने खराब शिक्षण गुणवत्ता पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता खराब मिलने और लापरवाही को देखते हुए 16 शिक्षकों, चार शिक्षामित्रों और दो अनुदेशकों के जुलाई माह का वेतन रोकने का निर्देश दिया है।
प्राथमिक विद्यालय डाढीराम में प्रात: 9.05 मिनट पर शिक्षामित्र आत्मा प्रकाश उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करते मिले। प्रधानाध्यापक सत्यवीर सिंह और शिक्षामित्र कुमारी देवी अनुपस्थित मिलीं। बच्चे परिसर में घूम रहे थे। कक्षा पांच के बच्चे एक अंक का गुणा तक नहीं कर पाए। नामांकित 161 बच्चों की तुलना में महज 44 बच्चे मिले। कम उपस्थिति और निम्न शिक्षण गुणवत्ता पर सत्य प्रकाश सिंह और सहायक अध्यापक बृजभान सिंह का माह जुलाई का वेतन और शिक्षामित्र सदन कुमार और आत्मा प्रसाद का जुलाई माह का मानदेय रोकने का निर्देश दिया। कुमारी देवी का एक दिन का मानदेय काटने का निर्देेश दिया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय डाढ़ी राम में कम उपस्थिति और निम्न गुणवत्ता पर शिक्षक सूर्यबलि, रामचंद्र सिंह, गौरीशंकर सिंह, राजन दुबे का जुलाई माह का वेतन रोक दिया। प्राथमिक विद्यालय सुखनई में शिक्षक रामधनी का वेतन और शिक्षामित्र राकेश कुमार का वेतन रोका। प्राथमिक विद्यालय सिद्घी में शैक्षिक गुणवत्ता संतोषजनक मिला। पूर्व माध्यमिक विद्यालय तोसवा में खराब शैक्षिक गुणवत्ता मिलने पर विजेंद्र नारायण सिंह, संजय कुमार सिंह, रमेश कुमार सिंह, अनिल प्रकाश द्विवेदी, रीता सिंह, किरन सिंह, कल्पना मिश्रा का वेतन और अनुदेशक जय शंकर मौर्य और रूचि सिंह का जुलाई माह का मानदेय रोकने का निर्देश दिया। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय तोसवा में पठन पाठन खराब मिलने और एमडीएम लकड़ी पर बनने पर नीलकांत पांडेय, शकुंतला देवी, अर्चना कुशवाहा का जुलाई माह का वेतन रोक दिया। ब्लॉक संसाधन केंद्र पहाडी का परिसर गंदा होने पर कड़ी नाराजगी जतायी। परिसर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में मीनू के अनुसार भोजन नहीं बनने पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी।