विंध्याचल। कंतित सगरा में आयोजित अखिल भारतीय महाशक्ति सम्मेलन के समापन पर विभिन्न प्रदेशों से आए प्रतिनिधियों का स्मृति चिह्न भेंट कर विदाई की गई। इस मौके पर अखिल भारतीय रचनात्मक समाज के राष्ट्रीय महासचिव विजय वीजी ने कहा कि महिला प्रबोधिनी फाउंडेशन का अखिल भारतीय महाशक्ति सम्मेलन ऐतिहासिक है। इससे पूर्व महिलाओं के सम्मान एवं अधिकार के लिए इतना बड़ा कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया।
समारोह में प्रो. रचना बिमल को भारतीय साहित्य एवं दर्शन, डा. सोनलमान सिंह को भारतीय नृत्यकला एवं संस्कृति, शालिनी देशपांडे को समाज सेवा, अमेरिका में रहने वाली दीपिका सिन्हा को अंतर्राष्ट्रीय सौहार्द्र एवं भारतेंदु हरिश्चंद्र के परिवार की मालिनी चौधरी को गृह कला के क्षेत्र में प्रबोधिनी महाशक्ति वैश्विक सम्मान दिया गया। विजय वीजी ने कहा कि विंध्याचल मां विंध्यवासिनी की धरती है। यहां से महिलाओं ने सम्मान और अधिकार के लिए जो रचनात्मक आंदोलन शुरू हुआ है, वह देश भर में फैलेगा। मुख्य संयोजक विभूति कुमार मिश्र ने कहा कि महिलाओं के हर जगह सम्मान मिले और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान हो यही हमारा उद्देश्य है। फाउंडेशन की अध्यक्ष नंदिनी मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर रचना बिमल के मार्गदर्शन से कार्यक्रम को वैश्विक रूप देने में सहायता मिली। विभिन्न जनपदों से आईं महिलाओं एवं प्रबोधिनी परिवार के समस्त कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमोहन शुक्ला ने किया। इस दौरान रमेश जैन, हनुमान प्रसाद, विनय मिश्र, अनिल पांडेय, चंद्रभान सिंह, सुनील दूबे, संध्या पाठक, अवध, मजूलता कुसुम, रामुकमार, लूबना, श्रवण झा, विष्णु रोधन, कैलाश आदि उपस्थित रहे।