मिर्जापुर। नगर के रतनगंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में बुधवार को गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस श्रद्घाभाव से मनाया गया। कार्यक्रम के तहत सुबह गुरुद्वारे के हजुरी रागी जत्था दविंद्र सिंह ने गुरुवाणी और कीर्तन से सबको निहाल कर दिया। लंगर में सर्वसमाज के लोगों प्रसाद ग्रहण किया। शहीदी दिवस पर कहा गया गुरु तेग बहादुर ने हिंदुत्व के सम्मान को बरकरार रखने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। कहा गया उनके आदर्श से हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
नगर के रतनगंज स्थित गुरुद्वारा में गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस बड़े ही श्रद्घाभाव से मनाया गया। गुरुद्वारा परिसर गुरुवाणी पाठ बाद अटूट लंगर के दौरान सर्वसमाज के लोगो के बीच प्रसाद वितरित किया गया। बुधवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा के प्रधान जसवीर सिंह चड्योक ने शहीदी दिवस पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर ने अपनी कुर्बानी देकर हिंदू धर्म की रक्षा की। धार्मिक मंत्री भूपेंद्र सिंह डंग ने कहा प्रेम, त्याग व बलिदान के प्रतीक गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था। कहा विश्व इतिहास में धर्म और मानवीय मूल्यों, आदर्शों एवं सिद्धांत की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वालों में गुरु तेग बहादुर साहब का स्थान अद्वितीय रहा है। गुरुद्वारा के प्रबंधक हरदीप सिंह खुराना ने कहा सिखों के नवें गुरु, गुरु तेग बहादुर को धर्म और आदर्शों के लिए शहीद होने वाले महापुरुषों में गिना जाता है। खजांची रविंद्र सिंह सलूजा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर मानवीय धर्म व वैचारिक स्वतंत्रता के लिए अपनी महान शहादत देने वाले एक क्रांतिकारी युग पुरुष थे। कार्यक्रम दौरान चरनजीत सिंह सोखी, धरमपाल सिंह सरना, जगदीश सिंह डंग, बलदेव सिंह सलूजा, अमरीक सिंह मोंगा, हरविंदर सिंह, जसवंत सिंह सरना, सुरजीत कौर, सतनाम कौर, हरबंश कौर, पिंकी सरना बड़ी संख्या में सिख समाज के नर-नारी व बच्चे मौजूद रहे।