मिर्जापुर। मनरेगा में हुए घोटाले की जांच करने शुक्रवार को डिप्टी एसपी प्रशांत श्रीवास्तव के नेतृत्व में चार सदस्यीय सीबीआई की टीम हलिया ब्लॉक पहुंची। सीबीआई टीम ने लगभग तीन घंटे तक अभिलेखों को खंगाला। इसके बाद ब्लॉक मुख्यालय पर जेई एमआई पारसनाथ भारती, जेई एमआई रामशरण राम, ग्राम विकास अधिकारी विशेष कुमार सिंह, तकनीकी सहायक सुरेंद्र मिश्र से भी पूछताछ की। इस दौरान टीम ने खंड विकास अधिकारी सुदामा सिंहा यादव को कमरे से बाहर कर दिया था।
ब्लॉक मुख्यालय पर कागजातों की जांच के बाद सीबीआई टीम दीघुली गांव पहुंच कर जांच की। मनरेगा के मामले में उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के दो न्यायाधीशों की बेंच ने 31 जनवरी को मनरेगा योजना में वर्ष 2007 से 2010 तक हुए कार्यों की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय के आदेश पर हलिया ब्लॉक में मनरेगा कार्यों की जांच चल रही है। इससे पहले स्पेशल क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अशरफ सिद्दीकी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जिले में आकर जांच कर चुकी है। हलिया ब्लॉक में भी मनरेगा के तहत कार्यों को कराने में काफी अनियमितता बरती गई है। जिले के हलिया ब्लॉक में वर्ष 2007 से 2010 के बीच मनरेगा में कराए गए कार्यों में घोटाले की जांच के लिए सीबीआई की टीम शुक्रवार को जिले में पहुंची। सीबीआई हलिया ब्लॉक में हुए पौने चार करोड़ रुपये के घोटाले से संबंधित फाइलों को खंगाल रही है। सीबीआई वर्ष 2012 में हलिया थाने में 54 मुकदमेे दर्ज करा चुकी है।