मिर्जापुर। यूपी बोर्ड की परीक्षा नकलविहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए शासन के निर्देश पर इस बार परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं लेकिन नकल कराने वालों ने इससे बचने का भी उपाय भी ढूंढ निकाला है। परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरे में आडियो जैक नहीं लगने के कारण कक्ष निरीक्षण बोल कर अपने चहेते परीक्षार्थी को नकल करा रहे हैं। कुछ केंद्रों के बाहर कापियां लिखी जा रही हैं जिस पर संबंधित छात्र की कापी का जिल्द लगाकर कापियां बदल दी जा रही हैं।
वाराणसी एसटीएफ की ओर से 17 फरवरी को पहली पाली हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान की परीक्षा में सिहावल स्थित बाबू धनश्याम सिंह इंटर कॉलेज से सटे आईटीआई कॉलेज से लिखी तथा सादी कापियों समेत अन्य नकल सामग्री के साथ बाबू घनश्याम सिंह इंटर कालेज के केंद्र व्यवस्थापक प्रदीप सिंह, शिक्षक जितेंद्र बहादुर सिंह और लल्लन प्रसाद बिंद को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ के छापेमारी इतनी गोपनीय तरीके से की गई थी कि इसकी किसी को भनक तक नहीं लगी थी। यह बात भी सामने आई है कि परीक्षा शुरू होने 15 मिनट बाद प्रश्नपत्र की फोटो कापी संबंधित नकल माफिया को उपलब्ध करा दी जाती है। नकल माफिया जिन परीक्षार्थियों को पास कराने का ठेका लिए होते हैं, परीक्षा के दौरान उन परीक्षार्थियों के पास मूल कापी रहने देते हैं। बाद में उस परीक्षार्थी की कापी के जिल्द को लिखी हुई कापी पर लगा कर उसे जमा करवा देते हैं। कुछ परीक्षा केंद्रों पर तो केंद्र व्यवस्थापकों और प्रधानाचार्य बिजली नहीं होने का बहाना बना कर सीसीटीवी कैमरे बंद करा दे रहे हैं ताकि नकल माफिया की कारस्तानी पकड़ में न आ सके। उधर, पिछले दिनों छापे के दौरान सामूहिक नकल उजागर होने के बाद अभी हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान की परीक्षा निरस्त करने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। एसटीएफ के छापे
एसटीएफ की छापेमारी में नकल सामग्री पकड़े जाने के बाद सोमवार को बाबू घनश्याम सिंह इंटर कालेज में नए केंद्र व्यवस्थापक की निगरानी में परीक्षा हुई। इस परीक्षा केंद्र पर मौनी स्वामी इंटर कालेज से शिक्षक आदित्य सिंह को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है। इसके अलावा सभी कक्ष निरीक्षक भी बदले गए हैं। वहीं परीक्षा केंद्र पर दो होमगार्ड की जगह अब एक सिपाही और दो होमगार्ड की तैनाती की गई है।
डीआईओएस अवधकिशोर सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्र के बगल में आईटीआई कॉलेज में हुई छापेमारी के दौरान नकल सामग्री पकड़े जाने के मामले की जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय माध्यमिक शिक्षा आयोग करेगा। परीक्षा केंद्रों के व्यवस्थापकों और प्रधानाचार्यों को परीक्षा अवधि का सीसीटीवी फुटेज संभाल कर रखने का निर्देेश दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे माध्यमिक शिक्षा परिषद और संबंधित जिलास्तरीय अधिकारियों को उपलब्ध कराया जा सके। सीसीटीवी फुटेज नहीं रखने वालों पर कार्रवाई होगी।