पड़री। विकास खंड पहाड़ी ब्लॉक के सिद्धि गांव में शक्ति संकल्प समारोह का आयोजन किया गया। प्रो. रचना विमल ने कहा कि जब तक बेटा बेटी में भेद होता रहेगा तब तक बेटियों को समान अधिकार नहीं मिलेगा। जहां नारी को सम्मान दिया जाता है वहां उन्नति होती है। मातृ शक्ति के अधिकार के लिए 17 दिसंबर को अखिल भारतीय महाशक्ति सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जरूरत है अपने अंदर छुपी क्षमता को पहचानने की। हम अपने बच्चों की प्रथम गुुरु हैं जब हम ही उनमें अच्छे संस्कार डालेंगे तभी वे संस्कारी बनेंगे। संस्कार की कोई पाठशाला नहीं हैं। उन्हें संस्कारी बनाने का कर्तव्य हमारा आपका हैं। संस्कारी बच्चे समाज को नई दिशा प्रदान करेंगें अनका स्वरूप तय करेंगे। महिला प्रबोधिनी फाउंडेशन के निदेशक विभूति कुमार मिश्र ने कहा कि जागरुकता बिना समाज में बदलाव नहीं आएगा। ग्राम स्तरीय शक्ति संकल्प समारोह का संचालन पिछले एक वर्ष से 1001 गांवों में किया गया। इसमें बेटियों ने अधिकार, कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह, दहेज तथा लिंग भेद रोकने के लिए रचनात्मक आंदोलन चलाने का संकल्प लिया गया। प्रबोधिनी शक्तिधाम विंध्याचल में लगभग 15 हजार से अधिक बेटियां अखिल भारतीय महाशक्ति सम्मेलन में भाग लेकर सामूहिक संकल्प लेंगी । महासचिव नंदिनी मिश्रा ने कहा कि शक्ति संकल्प कलश पूजन एवं श्रद्धा अन्न संग्रहण कार्यक्रम के माध्यम से गांव गांव में अखिल भारतीय महाशक्ति सम्मेलन की अलख जगाई जा रही हैं। अवध, मंजूलता, प्रेमा, राजेश मौजूद रहे।