मिर्जापुर। जिले के प्रमुख नटवा-जंगीरोड मार्ग पर सफर करना राहगीरों के लिए खतरे से खाली नहीं है। नटवा से बथुआ शीलता मंदिर तिराहे तक करीब तीन किलोमीटर की दूरी में 252 सीवर के ढक्कन हैं।
इनमें 106 ढक्कन या तो सड़क की सतह से ऊपर उभरे हुए हैं या सीवर व सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है। शनिवार को मार्ग की पड़ताल में यह स्थिति सामने आई।
बारिश में इन स्थानों पर पानी भर जाने से हादसे का डर बढ़ जाता है। दिन में राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जबकि रात में ढक्कन दिखाई नहीं देने से हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में 51 स्थानों पर सीवर के ढक्कन सड़क की सतह से ऊपर निकले हुए मिले। वहीं, 49 स्थानों पर सीवर के आसपास सड़क धंसी हुई मिली।
कई जगह सड़क में गड्ढे बन गए हैं। तेज रफ्तार से आने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहन इन उभरे ढक्कनों से अनियंत्रित हो जाते हैं। साइकिल सवार और पैदल राहगीरों के लिए भी हादसे का डर बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। अभी तक किसी बड़े हादसे में जनहानि नहीं हुई है, लेकिन समय रहते सुधार नहीं कराया गया तो कभी भी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
जंगीरोड हाइवे पर सीवर के पास धंसी सड़क, स्रोत संवाद
जंगीरोड हाइवे पर सीवर के पास धंसी सड़क, स्रोत संवाद
जंगीरोड हाइवे पर सीवर के पास धंसी सड़क, स्रोत संवाद