मिर्जापुर। सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिंह प्रथम ने विवाहिता को आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने के आरोपी पति और जेठ को गुरुवार को सुनवाई के दौरान दोष सिद्ध पाए जाने पर सात वर्ष की कैद के साथ पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित करते हुए जेल भेज दिया।
अभियोजन के अनुसार, थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के अर्जुनपुर पिपरहिया निवासी हनुमान दास पुत्र बैजनाथ ने सात अगस्त 2006 को थाना मड़िहान क्षेत्र के हरदी खुर्द गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद पुत्र भगंतू के साथ चार वर्ष पूर्व अपनी बहन हिरावती के साथ विवाह किया था। शादी के बाद से पति राजेंद्र प्रसाद, जेठ नान्हक और जेठानी प्रताड़ित करते रहे और मारपीट कर घर से निकाल दिए थे। दो माह तक वह अपने मायके में रही। दौरान पंचायत होने पर पति और जेठ ने आश्वासन दिया कि पुन: उसकी बहन हिरावती को प्रताड़ित नहीं करेंगे। सात अगस्त 2007 को दिन 10 बजे बहन के ससुर भगंतू ने उसे बहन के मरने की सूचना दी। उसने देखा कि उसकी बहन के मुंह से झाग निकल रहा था और उसका शरीर काला पड़ गया था। तहरीर पर थाना मड़िहान पुलिस ने आरोपी भगंतू के दोनों लड़के राजेंद्र प्रसाद और नान्हक पर मुकदमा दर्ज कर लिया। अभियोजन की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आलोक राय ने कुल 10 गवाह परीक्षित कराए। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पति राजेंद्र प्रसाद, जेठ नान्हक को मृतका हिरावती को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने के जुर्म में सजा सुनाई।