मिर्जापुर। वाण्जियकर विभाग की ओर से की गई छापेमारी में चुनार के धौहा गांव में तीन सरिया फैक्ट्री में बड़ा खुलासा हुआ है। प्राथमिक जांच के दौरान पता चला कि तीन में से एक कंपनी कागजों में ही चल रही है, जबकि धरातल पर कंपनी नहीं दिखी। इस कंपनी को आयुक्त जीएसटी ने संदिग्ध मानते हुए इसकी गहन जांच के लिए एसआईबी मिर्जापुर और वाराणसी को सौंप दी है। दोनों टीमों ने तीनों फैक्ट्रियों को नोटिस भेजकर अपने- अपने कागजात उपब्लध कराने को कहा है। कागजात उपलब्ध नहीं कराने पर पंजीकरण निरस्त करने की चेतावनी दी है।
गौरतलब है कि धौहा इलाके में संचालित हो रही ईको प्लस, वीके इंटरप्राइजेज व शांति गोपाल सरिया फैक्ट्री की ओर से जीएसटी में अनियमितता बरते जाने की सूचना मिलने पर लखनऊ, मिर्जापुर,वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र की संयुक्त जीएसटी टीम ने शुक्रवार को छापेमारी की थी। जांच के दौरान जरूरी दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया था। जांच के बाद टीम ने इको प्लस और शांति गोपाल के विरुद्घ दो करोड़ 93 लाख का जुर्माना किया था जबकि बीके इंटरप्राइजेट मौके पर नहीं मिलने पर उसे संदिग्ध मान लिया था। आयुक्त जीएसटी कामनी रतन चौहान ने कंपनी को संदिग्ध मानते हुए मिर्जापुर एवं वाराणसी के वाणिज्य कर अधिकारियों को जांच सौंपते हुए तीनों कंपनियों को समन जारी कर कागजात उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। टीम ने बताया बीके इंजरप्राइजेट कंपनी का रजिस्ट्रेशन है लेकिन जिस स्थान के नाम से रजिस्ट्रेशन कराया गया हे वहां यह कंपनी नहीं मिली। कागजों पर चल रही है इस कंपनी की जांच के बाद ही स्थित स्पष्ट हो पाएगी।
वर्जन
चुनार के धौहा गांव स्थित तीन सरिया फैक्ट्री की जांच मिर्जापुर और वाराणसी के एसआईटी को सौंपी गई है। उसमें से एक कंपनी बीके इंटरप्राइजेज संदिग्ध मिली है। कंपनी का रजिस्ट्रेशन है लेकिन कंपनी धौहा में मौके पर नहीं है। तीनों को समन भेजकर कागजात उपलब्ध कराने को कहा गया है। नहीं देने पर कंपनी के मालिक के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। - ओपी सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर वाणिज्यकर विभाग