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सड़क पटरियों पर अतिक्रमण से सिकुड़ती जा रहीं सड़कें

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मिर्जापुर। यातायात पुलिस की घोर लापरवाही के चलते नगर की जनता को रोजाना भीषण जाम के झाम से जूझना पड़ रहा है। नगर के गिने-चुने स्थानों को छोड़कर अन्य किसी भी चौराहे एवं मुख्य बाजारों में ट्रैफिक पुलिस नदारद रहती है, जिससे जाम लगना अब आम बात हो गई है। स्कूल व कालेजों की छुट्टी होने के बाद नगर के प्रमुख मार्गों पर भीषण जाम लग जाता है, जिससे कभी तल्ख धूप तो कभी बारिश के बीच जाम में फंसकर स्कूली बच्चे परेशान होते हैं, बावजूद इसके महकमा बेपरवाह बना हुआ है।
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विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि प्रमुख सड़कों के किनारे किए जा रहे अतिक्रमण से सड़कें सिकुड़ती चली जा रही हैं, जिससे जाम लगना आम बात हो गई है। सड़क पटरियों पर लगे अतिक्रमण को हटवाने के नाम पर सिर्फ कागजी कार्रवाई की जाती है, जिसका खामियाजा नगर की जनता को भुगतना पड़ रहा है। कई बाजारों में तो सड़क किनारे बनी नालियों पर दूकान लगाकर दूकानदारी की जाती है, वहीं दूकानों के सामने बेतरतीब ढंग से दो एवं चार पहिया वाहनों को खड़ा कर दिया जाता है, जिससे थोड़ी देर बाद ही जाम लग जाता है। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि अभी तक शहर की सड़कों, बाजारों व गलियों में विचरण करने वाले छुट्टा पशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कवायद नहीं कर रही है, जिससे आए दिन पशुओं के बीच सड़कों पर होने वाली लड़ाई से सड़कों पर जाम लग जाता है। नगर के शास्त्री सेतु से, लोंहदी मार्ग से, भरुहना मार्ग से, फतहां मार्ग से बड़े व लोडेड ट्रकों को सुविधा शुल्क लेकर नो-इंट्री में भी शहर के अंदर बड़े आसानी से प्रवेश करा दिया जा रहा है, जिससे बाजारों व चौराहों पर भीषण जाम की स्थिति बन जाती है। नगर के अस्पताल रोड, वासलीगंज रोड, मुकेरी बाजार, टटहाई रोड, त्रिमोहानी, बसनही बाजार, गुड़ट्टी बाजार, इमामबाड़ा, लालडिग्गी, रमईपट्टी, तहसील चौराहा सहित कई अन्य मार्गों पर रोजाना जाम लगता है। नगर की प्रमुख सड़कों पर रोजाना जाम लगने से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों व एंबुलेंस से जाने वाले मरीजों को होती है।
जाम का मुख्य कारण : जाम का मुख्य कारण सड़क की पटियारियों को लोगों को अतिक्रमण कर लेना है। इससे सड़कों पर जगह नहीं बचता है। एक साथ दो वाहन आने पर जाम लग जाता है। अगर लोग इसका ध्यान रखते हुए पटरियों से अपना अतिक्रमण हटा ले तो जाम कभी नहीं लगेगा।
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विद्यालयों के चलते लग रहा है जाम : लाखों कमाने वाले नगर के दर्जनों विद्यालयों ने विद्यालय निर्माण के समय वाहन पार्किंग की कोई ध्यान नहीं दिया। यहीं कारण है कि नगर जाम के झाम से जूूझता नजर आता है। सड़क किनारे स्कूल का निर्माण तो करा लिया गया लेकिन स्कूलों में पढ़ने के लिए आने वाले बच्चों को घर पहुंचाने एवं छोड़ने वाले वाहनों की पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं की। जिससे छुटटी के समय सैंकड़ों वाहन स्कूल के आसपास आकर खड़े जाते है। यहीं नहीं सड़क पर ही खड़े हो जाते है जिससे रूट बाधित हो जाता है और जाम लग जाता है। ऐसे विद्यालयों के विरुद्घ प्रशासन की ओरे कभी कार्रवाई की नहीं गई।
जाम की समस्या को खत्म करने के लिए सड़कों का वनवे किया जा रहा है। चौराहों तिराहों पर होमगार्डस पीआरडी एवं पुलिस को लगाया गया है। जहां तक जाम की बात है तो स्कूलों के चलते भी जाम लग जाता है। सड़कों के अतिक्रमण करने से भी जाम लगता है। प्रभारी यातायात निरीक्षक, विवेकानंद उपाध्याय,
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