मिर्जापुर। यातायात प्रभारी के उत्पीड़न से तंग आकर आटो और ई रिक्शा चालकों ने जिला मुख्यालय पर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। कहा कि यातायात पुलिस गरीबों को रोजी रोटी कमाने नहीं दे रही है। इससे उनके बच्चे भूखों मरने के कगार पर पहुंच गए हैं। अनशनकारियों ने कहा कि इस पुलिसिया उत्पीड़न को बंद कर चालकों के शोषण को रोका जाए, ताकि चालक आराम से अपना कार्य कर परिवार की पालन पोषण कर सकें।
अनशनरत चालकों ने बताया कि पुलिस द्वारा बनाए गए नियम पर चलने के बावजूद गत दिनों यातायात पुलिस ने एक चालक की पिटाई कर दी थी। जिसके विरोध में चालक हड़ताल पर चले गए थे। बातचीत के दौरान तीन दिसंबर को नगर के घोड़े शहीद पर एक बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें पुलिस एवं चालकों के बीच वार्ता कर समस्या का हल निकालने को कहा गया था, लेकिन किसी पुलिस अधिकारी के बैठक में नहीं पहुंचने के कारण बैठक पूरी नहीं हुई। समस्या का हल नहीं निकलने पर मंगलवार को जिला मुख्यालय पर आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय लिया गया। कहा गया कि जब तक समस्या का हल नहीं निकाला जाएगा तब तक वह अनशन समाप्त नहीं करेंगे। इस दौरान अध्यक्ष कमलेश चौहान, अब्दुल खालिक खां, राजेंद्र प्रजापति, डेगई, दीपू, अन्नू, राकेश शर्मा, जगदीश, विनोद, मोती यादव आदि शामिल रहे।