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दहेज हत्या में पति को दस वर्ष की कैद, दो हजार जुर्माना

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मिर्जापुर। नवसृजित एफटीसी एडीजे यज्ञेश चंद्र पांडेय की अदालत ने गुरुवार को जिगना के भौरूपुर अजगना (हरगढ़) निवासी रीता देवी की दहेज हत्या मामले में उसके पति भोलाशंकर को दोष सिद्ध पाते हुए 10 वर्ष की सजा के साथ दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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अभियोजन के अनुसार थाना विंध्याचल क्षेत्र के घमहापुर गांव निवासी एवं वादी मुकदमा गुलाबचंद्र गुप्ता की पुत्री रीता देवी की शादी थाना जिगना क्षेत्र के भौरूपुर अजगना निवासी भोलाशंकर गुप्ता पुत्र अमृत लाल के साथ लगभग आठ वर्ष पूर्व हुई थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज में मोटरसाइकिल व 50 हजार रुपये की मांग को लेकर रीता देवी को मारते-पीटते व प्रताड़ित करते थे। उसी प्रताड़ना से आजिज आकर 10 सितंबर 2012 को रीता देवी ने फांसी लगाकर जान दे दी। रीता देवी के पिता गुलाबचंद्र ने तहरीर देकर पति, ससुर, देवर व ननद के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। दौरान विवेचना ननद व देवर को छोड़ दिया और आरोपी ससुर की दौरान मुकदमा मृत्यु हो गई थी। अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार यादव ने सभी गवाहों को परीक्षित कराया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य व गवाहों के बयान और अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर न्यायालय ने आरोपी पति को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनायी।
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