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काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर पहुंचे मंत्री रविंद्र जायसवाल, कहा- न तो कैलाश मंदिर का गुंबद टूटा न ही आरती रुकी

Mon, 11 May 2020 11:51 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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काशी विश्वनाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
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प्रदेश के स्टांप एवं निबंधन मंत्री रविंद्र जायसवाल सोमवार दोपहर काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर पहुंचे और कैलाश मंदिर का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने कहा कि न तो कैलाश मंदिर का गुंबद टूटा है और न ही बाबा की आरती रुकी है। मंदिर पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि सुनियोजित ढंग से अफवाह फैलाई गई थी।

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उन्होंने मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल और मुख्य कार्यपालक अधिकारी के साथ बैठक कर मंदिर के विवाद पर चर्चा की। इसके बाद उन्होंने फेसबुक पर दो तस्वीरें पोस्ट कीं। एक में वह कैलाश मंदिर के सामने खड़े हैं और दूसरी मंदिर के कार्यालय से निकलते समय की है। फेसबुक पर मंत्री रविंद्र जायसवाल ने लिखा है कि शिखर तोड़ने की बातें पूरी तरह गलत हैं।

मैंने खुद मुआयना किया है। मंदिर पूरी तरह सुरक्षित है। इस मामले में विरोधी राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं, जबकि सच्चाई कुछ और बयां कर रही है। उन्होंने कहा है कि मंदिर में सप्तर्षि आरती रोजाना की जा रही है। जो अफवाहें फैलाई जा रही हैं, वे निरर्थक हैं। बाबा के पावन धाम की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

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सीएम के निर्देश पर बाबा धाम पहुंचे थे मंत्री रविंद्र

श्री काशी विश्वनाथ धाम के विवादित मामले में सूबे के स्टांप एवं निबंधन राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल यूं ही नहीं पहुंचे थे। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उन्हें मौका मुआयना कर स्थिति की जानकारी देने का निर्देश दिया था। इसके अलावा हिंदु युवा वाहिनी के पदाधिकारियों ने भी पूरे मामले की पड़ताल की थी और सीएम को रिपोर्ट भेजी है।

अर्चकों व पुजारियों की आय की होगी जांच

 श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़े कुछ अर्चकों और पुजारियों संपत्ति की जांच कराई जाएगी। सूत्रों का कहना है कि शासन के साथ ही आयकर विभाग को सूचना देकर बारह लोगों की आय की जांच की मांग की गई है। साल 1983 में सोना चोरी के बाद सरकार ने इस मंदिर को अपने अधीन किया था। तब से लेकर अब तक 17 बार विवाद हो चुका है। मंदिर से जुड़े सूत्रों का कहना है कि विवाद की जड़ धन ही है।

‘बाकी जाने महाकाल...’

श्री काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह के ट्वीटर व फेसबुक पर चार लाइनों का संदेश डाला गया था। इसमें लिखा था कि बड़ा अच्छा रहा अब तक कार्यकाल, बाकी जाने महाकाल...। इस ट्वीट के बाद लोग कई तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

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