श्री काशी विश्वनाथ धाम के विवादित मामले में सूबे के स्टांप एवं निबंधन राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल यूं ही नहीं पहुंचे थे। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उन्हें मौका मुआयना कर स्थिति की जानकारी देने का निर्देश दिया था। इसके अलावा हिंदु युवा वाहिनी के पदाधिकारियों ने भी पूरे मामले की पड़ताल की थी और सीएम को रिपोर्ट भेजी है।
अर्चकों व पुजारियों की आय की होगी जांच
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़े कुछ अर्चकों और पुजारियों संपत्ति की जांच कराई जाएगी। सूत्रों का कहना है कि शासन के साथ ही आयकर विभाग को सूचना देकर बारह लोगों की आय की जांच की मांग की गई है। साल 1983 में सोना चोरी के बाद सरकार ने इस मंदिर को अपने अधीन किया था। तब से लेकर अब तक 17 बार विवाद हो चुका है। मंदिर से जुड़े सूत्रों का कहना है कि विवाद की जड़ धन ही है।
‘बाकी जाने महाकाल...’
श्री काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह के ट्वीटर व फेसबुक पर चार लाइनों का संदेश डाला गया था। इसमें लिखा था कि बड़ा अच्छा रहा अब तक कार्यकाल, बाकी जाने महाकाल...। इस ट्वीट के बाद लोग कई तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।