पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि मायावती मेरी हत्या करा सकतीं हैं। उनके पास गुंडों की बहुत बड़ी टीम है, लेकिन वह उनसे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने अपना अलग गैर राजनैतिक संगठन तैयार कर लिया है। जिसे बाद में राजनैतिक घोषित किया जाएगा। जल्दी ही बसपा में भगदड़ मचने जा रही है।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी बृहस्पतिवार को सहारनपुर में अंबाला रोड स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों, पिछड़ों एवं सभी समाज के दबे, कुचलों को मुख्य धारा में लाने के लिए कांशीराम ने जो मिशन शुरू किया था। बसपा सुप्रीमो मायावती और सतीश चंद मिश्रा ही उसे खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। मायावती सोच रही हैं कि जो उन्होंने कमाना था कमा लिया, चार बार मुख्यमंत्री बन लीं। अब उनके बाद बसपा से किसी दलित का नाम मुख्यमंत्री के रूप में नहीं आना चाहिए। इसलिए वह पार्टी को खत्म करने जा रही हैं। अब नारा यह लगाना पड़ रहा है कि कांशीराम तेरी नेक कमाई, मायावती ने बेच खाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने अपना घर, परिवार छोड़कर बसपा के लिए पूरा जीवन लगा दिया। मायावती ने दिन को रात कहा तो उन्होंने रात कहा, लेकिन मायावती ने उन्हें और उनके बेटे अफजल को जेल भिजवाने का पूरा प्रबंध कर लिया था। कागज तक तैयार करा लिए थे। उन्हें बहाने से अपनी कोठी पर बुलाया जा रहा था, लेकिन उनके एक शुभचिंतक ने उन्हें पहले ही बता दिया था कि इस समय उन्हें बुलाया जाएगा। मायावती एक बार कहतीं कि मिशन के लिए गोली मार लो, तो मैं गोली मार लेता।
उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद मायावती ने लखनऊ में दो हजार लोगों के बीच में एक घंटे तक मुसलमानों को भला बुरा कहा। दाढ़ी के लिए गलत लफ्ज इस्तेमाल किया। उन्होंने विरोध किया तो कार्रवाई की धमकी दी। फिर एक लंबी चौड़ी लिस्ट पकड़ा दी कि इनसे वसूली करो। लेकिन चुनाव हारने के चलते किसी ने पैसा नहीं दिया कहा कि चाहे पार्टी से निकाल दो, पैसा नहीं देंगे। जब उन्होंने मायावती को बताया तो मायावती ने कहा कि कोई नहीं दे रहा तो 50 करोड़ रुपये तुम ही दे दो। उन्होंने कहा कि अपनी प्रॉपर्टी बेच दो, बीबी के गहने बेच दो, तुम्हारे मिलने वाले बीस-तीस लोग होंगे, उनसे एक-एक करोड़ ले लो। जिस पर उन्होंने कहा कि नोटबंदी के जमाने में किसी में पास इतना कैश नहीं है। चाहे तो उनकी प्रापर्टी को अपने नाम करा लें। मायावती को सिर्फ पैसा चाहिए, सिर्फ पैसा। जिसके पास पैसा नहीं, पार्टी में उसकी जगह नहीं। जिसने भी पैसा नहीं दिया पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने उसे पार्टी से निकाल दिया गया। कल भी राष्ट्रीय महासचिव को पार्टी से निकाल दिया। कह दिया कि चुनाव हारने के बाद इनकी दिमागी हालत बिगड़ गई है। यही नहीं सहारनपुर जिले के भी एक एमएलए को भी कह दिया कि उनकी भी चुनाव हारने के कारण दिमागी हालत बिगड़ गई।