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मेरठ उपद्रव: सीएए हिंसा में मरने से पहले युवकों ने चलाए थे हथियार, जांच में हुई पुष्टि

Wed, 12 Feb 2020 12:54 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में नागरिकता कानून के विरोध में 20 दिसंबर को हुई हिंसा में मरने वाले पांचों युवकों की हिंसा के दौरान हथियार चलाने की पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार आगरा एफएसएल की रिपोर्ट में माना गया कि बवाल में इन युवकों ने भी फायरिंग की थी। उसके बाद उपद्रवियों की गोली से ही इन पांचों युवकों की मौत हुई। पुलिस एफएसएल रिपोर्ट को विवेचना में शामिल करेगी।
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20 दिसंबर 2019 को सीएए के विरोध में हुई हिंसा में आसिफ निवासी झिलमिल कालोनी दिल्ली, जहीर पुत्र मुंशी निवासी रशीद नगर, मोहसिन पुत्र अहसान निवासी मोहल्ला गुलजार इब्राहिम ब्रह्मपुरी, आसिफ पुत्र शाहिद निवासी सद्दीकनगर और अलीम पुत्र हबीब निवासी अहमदनगर, मेरठ की गोली लगने से मौत हुई थी। 
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फोरेंसिक टीम ने मौके से एकत्र साक्ष्यों को जांच के लिए एफएसएल आगरा भेजा था। एसपी क्राइम रामअर्ज ने बताया कि आगरा लैब की रिपोर्ट में इन पांचों युवकों द्वारा हथियार चलाने की पुष्टि हुई है। मरने से पहले युवकों ने हथियार चलाए, जिससे उनके हाथ पर पोटेशियम नाइट्राइट पॉजिटिव होने की लैब ने पुष्टि की है। इन पांचों युवकों की हत्या के मामले में 12 लोगों को जेल भेजा जा चुका है।

हथियार चलाने की पुष्टि
फोरेंसिक साइंस लैब आगरा को सैंपल भेजे गए थे। जिनमें पांचों युवकों द्वारा हथियार चलाने की पुष्टि लैब में हुई है। साक्ष्यों के आधार पर ही पुलिस विवेचना कर रही है। -अजय साहनी, एसएसपी
 
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