औसतन तीन लाख रुपये रोजाना का खेल
पीवीवीएनएल के अंतर्गत आने वाले 14 जिलों में रोजाना करीब एक लाख उपभोक्ता अपना बिल अदा करते हैं। इनमें से करीब तीस हजार उपभोक्ताओं को एक फीसदी की छूट नहीं मिल पा रही है। औसतन एक हजार रुपये के बिल पर यह छूट दस रुपये बैठती है। 30 हजार उपभोक्ताओं को मिलने वाली 3 लाख रुपये रोजाना की छूट विभाग के खाते में जा रही है। मेरठ शहर में भी करीब 25 हजार रोजाना की छूट हड़पी जा रही है।
अक्तूबर की छूट नवंबर में जुड़कर आ गई
मैं हर बार देय तिथि से पहले बिल जमा कराता हूं। लेकिन बिल में जो एक फीसदी की छूट मिलती है वह अगले बिल में फिर से जुड़कर आ जाती है। ऐसा कई महीने से हो रहा है। अक्तूबर माह में मिली 22.75 रुपये की छूट नवंबर के बिल में जुड़कर आ गई। नवंबर में मिली 21.40 रुपये की छूट दिसंबर माह के बिल में जुड़कर आ गई। -विजयपाल सिंह, आर्य नगर
मैं भी देय तिथि से पहले छूट वाला बिल जमा कराता हूं। लेकिन दी गई छूट अगले महीने जुड़कर आ जाती है। ये कई महीने से हो रहा है। शिकायत करने पर कर्मचारी अगले माह से छूट मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। -बृजपाल सिंह, कंकरखेड़ा
मुझे पिछले तीन माह से एरियर वाला बिल मिल रहा है। देय तिथि से पहले बिल जमा करने की छूट का लाभ नहीं मिल पा रहा है। -मनोज राणा, फेस-1 पल्लवपुरम
छूट लेने के लिए मैं हर माह देय तिथि से पहले बिल जमा करता हूं। एक दो बिलों को छोड़कर छूट का लाभ नहीं मिल रहा है। -मनोज पंवार, जिटौली
उपभोक्ताओं को दिलाएंगे छूट का लाभ
आयोग की तरफ से दी गई छूट का लाभ उपभोक्ताओं को हर हाल में दिलाया जाएगा। इस बारे में सॉफ्टवेयर कंपनी प्रतिनिधियों और अधिकारियों से बात की जाएगी। -अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एमडी पीवीवीएनएल