इस पर अतिक्रमण करने वाले ग्रामीणों ने युवती के घर में घुसकर उसकी पिटाई कर दी थी। जिलास्तर से कार्रवाई नहीं होने पर युवती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में जा पहुंची। उसने तालाबों को कब्जा मुक्त नहीं कराए जाने पर 16 सितंबर को आत्मदाह की चेतावनी दी थी। मुख्यमंत्री कार्यालय के सक्रिय हो जाने के बावजूद राजस्व विभाग की टीम ने कब्जाधारियों के मकानों पर नोटिस चस्पा कर इतिश्री कर ली।
आत्मदाह की निर्धारित तिथि समीप आने लगी तो प्रशासन की ओर से युवती पर दबाव बनाया जाने लगा। इस पर युवती ने घोषित तिथि से एक दिन पहले रविवार को पुलिस कंट्रोल रूम एवं एलआईयू को जानकारी दी। वह अपने मकान में परिजनों के साथ केरोसिन उड़ेलकर आत्मदाह कर रही है। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा मकान का गेट खुलवाने का प्रयास किया। युवती मौके पर एसडीएम को बुलाने की मांग पर अड़ी रही।
युवती राजस्व विभाग की टीम एवं सर्विलांस प्रभारी राजेंद्र त्यागी तथा एसडीएम सदर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ी रही। जिसमें राजस्व विभाग की टीम तथा राजेंद्र त्यागी मौके पर पहुंच गए। यहां राजेंद्र त्यागी ने युवती की एसडीएम से फोन से वार्ता कराई। जिसमें एसडीएम ने जल्द ही तालाबों से अतिक्रमण हटाए जाने का आश्वासन दिया।
चार घंटे पुलिस को छकाने के बाद युवती ने मकान का गेट खोला। इस पर पुलिस युवती को थाने ले आई। इस पर एसडीएम सुनीता सिंह एवं सीओ किठौर थाने पहुंचे तथा सभी अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद युवती ने पुलिस को भविष्य में आत्मदाह का प्रयास नहीं करने के बारे में लिखकर दिया। इस पर पुलिस ने युवती को उसके परिजनों के सुपुुर्द कर दिया।
स्वयं मौके पर पहुंचकर युवती को समझाया कि पक्के निर्माण को हटाने के लिए लंबी प्रक्रिया के गुजरना पड़ता है। यह प्रक्रिया चल रही है।-सुनीता सिंह, एसडीएम सदर मेरठ
आत्मदाह के प्रयास के मामले में पहले युवती को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों से बात करने के बाद उसे भविष्य में ऐसा नहीं करने का लिखित में ले लिया है। इसके बाद ही उसे थाने से छोड़ दिया गया।-मनीष बिष्ट, थाना प्रभारी निरीक्षक खरखौदा