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यूपी: मेरठ के माधवपुरम में 50 करोड़ की जमीन पर अवैध कब्जा, पुलिस की भूमिका संदिग्ध

Mon, 16 Sep 2019 01:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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माधवपुरम मे आवास-विकास की जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाई जा रही दिवार।
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दिल्ली रोड से सटे माधवपुरम में भूमाफियाओं द्वारा रविवार को करीब 50 करोड़ से ज्यादा की 3300 वर्ग मीटर विवादित जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया। खास बात यह है कि पूरा प्रकरण सामने आने के बावजूद ब्रह्मपुरी थाना पुलिस की भूमिका संदिग्ध बनी रही। पुलिस से शिकायत होती रही और भूमाफिया ने देखते ही देखते निर्माण कार्य पूरा करा लिया। लेकिन इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी यही कहते रहे कि कोई निर्माण नहीं हो रहा है।
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माधवपुरम योजना संख्या-10 के सेक्टर-1 में आवास एवं विकास परिषद ने योजना के शुभारंभ के दौरान भूमि का अधिग्रहण किया था। जिसमें शारदा रोड निवासी महेश गुप्ता से परिषद ने 33 सौ वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया था।

इस मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायतकर्ता वार्ड-34 के पार्षद अशोक शर्मा ने बताया कि महेश गुप्ता ने परिषद से जमीन का मुआवजा लेने से मना करने के साथ आवास विकास को जमीन देने से मना कर दिया। जिसके बाद परिषद और भूमि स्वामी के बीच विवाद के चलते मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया। वर्षों से जमीन के मालिकाना हक को लेकर परिषद और महेश गुप्ता केस लड़ रहे थे। लेकिन 15 दिन पहले ही महेश गुप्ता की मृत्यु हो गई।
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इस मामले में भूमाफियाओं की नजरें पहले से ही थीं। जमीन मालिक के मृत्यु के बाद ही 12 सितंबर को भूमाफियाओं ने जमीन की बाउंड्री करानी शुरू कर दी। पार्षद अशोक शर्मा ने सीएम पोर्टल पर मामले की शिकायत की तो आवास विकास परिषद के अधिकारियों के संज्ञान में मामला आया।

शुक्रवार को परिषद ने ब्रह्मपुरी थाना पुलिस को मामले में तहरीर दी। जिसके बाद पुलिस के हस्तक्षेप के बाद निर्माण कार्य रुक गया था। देर रात निर्माण की गई दीवारें भी जमीन मालिक पक्ष के लोगों ने गिरा दी थी। लेकिन अगले ही दिन 60 से 70 लोगों को साथ लेकर भूमाफियाओं ने फिर से निर्माण शुरू कर दिया। वहीं तहरीर आने के बावजूद संबंधित थाना पुलिस ने मामले का कोई संज्ञान ही नहीं लिया।

कब्जे में पूर्व ब्लॉक प्रमुख का हाथ
बसपा शासन में ब्लॉक प्रमुख रहे एक नेता के द्वारा यह कब्जा कराया जाना बताया जा रहा है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख का भाई जमीन पर कब्जा करने के लिए हो रहे निर्माण के दौरान यहां अपने गुर्गों के साथ लगातार मौजूद रहता है।
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बाजारी कीमत काफी ज्यादा
माधवपुरम सेक्टर-1 में इस जमीन की बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपयों से ज्यादा की है। जबकि आवास विकास परिषद में सर्किल रेट 63 हजार रुपये वर्ग मीटर है। सर्किल रेट के हिसाब से जमीन की कीमत करीब 21 करोड़ रुपये है। लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार मार्केट में जमीन 50 करोड़ रुपये से ऊपर की है।

पुलिस की भूमिका संदिग्ध
आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि इस मामले में सहायक अभियंता जेके अरोड़ा ने ब्रह्मपुरी थाने में तहरीर दी थी। जिसके बाद निर्माण रुक गया। हालांकि मामले में पुलिस का भूमिका भी संदिग्ध नजर आती है। क्योंकि मामले को लेकर रविवार को पूरा दिन तनातनी रही। लेकिन पुलिस विभाग ने मामले का संज्ञान नहीं लिया और रविवार को ऊंची दीवारें खड़ी हो गईं।

मौके पर निर्माण नहीं हो रहा
मौके पर निर्माण नहीं हो रहा है। आवास विकास अधिकारी आए थे। उन्होंने कोई तहरीर नहीं दी। उनके साथ पुलिसकर्मी भेजे थे। जिसके बाद आवास विकास अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। -रघुराज सिंह, इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी

अवैध कब्जे पर कड़ी कार्रवाई होगी
माधवपुरम में भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जा कर निर्माण करने का मामला सामने आया है। रविवार के कारण अधिकारी छुट्टी पर थे, जिसके कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। मामले में अधीक्षण अभियंता सतेंद्र पचौरी को निर्देश दे दिए हैं। सोमवार को मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भूमाफियाओं को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। - अजय श्रीवास्तव, संयुक्त आवास आयुक्त
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