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Meerut News: तुम अपने फायदे को, मुर्दे को भी जिंदा करते हो

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हम खयाल फाउंडेशन द्वारा आयोजित मुशायरे में गूंजी साहित्य, सौहार्द और भाईचारे की आवाज
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- विधायक रफीक अंसारी ने सामाजिक समरसता और आपसी प्रेम का दिया संदेश

- डॉ. पॉपुलर मेरठी की हास्य रचनाओं ने श्रोताओं को किया लोटपोट

माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। हम खयाल फाउंडेशन द्वारा लिसाड़ी गेट स्थित हाजी आदिल चौधरी बाजार में मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के संयोजक एवं संचालक इरशाद बेताब ने अपने कलाम में कहा कि वफा ओ इश्क ओ मुहब्बत की कुछ अदा निकले, जो मेरी रूह पे बरसे तू वो घटा निकले, किया है मैंने भरोसा तुझी पे ऐ हमदम, खुदा करे कि कभी तू न बेवफा निकले।

मुशायरे का शुभारंभ दिल्ली से आए लेखक राफे सुल्तान द्वारा शमा रोशन द्वारा किया गया। जनाब शाहिद चौधरी ने मरहूम शायर अनवर मेरठी का परिचय प्रस्तुत किया। सत्यपाल सत्यम ने कहा कि कभी तुम भर्त्सना करते कभी तुम निंदा करते हो, तुम अपने फायदे को, मुर्दे को भी जिंदा करते हो।
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हाजी आदिल चौधरी की सरपरस्ती तथा इरशाद बेताब एडवोकेट के संयोजन एवं संचालन में संपन्न हुआ। रजा खतौलवी ने दिल में किया तमन्ना थी किसके वास्ते आखिर, एक दुकान से पागल चूड़ियां चुरा लाया। इस शेर पर श्रोताओं ने जमकर दाद दी।
मुख्य अतिथि शहर विधानसभा विधायक रफीक अंसारी ने सामाजिक समरसता, भाईचारे को बड़ी आवश्यकता बताते हुए सभी को मिल-जुलकर रहने का संदेश दिया। मुशायरे के अंत में शायर डॉ. पॉपुलर मेरठी ने अपने विशिष्ट हास्य अंदाज से समां बांध दिया। उन्होंने पढ़ा एक बीवी कई साले हैं, खुदा खैर करे, खाल सब खींचने वाले हैं, खुदा खैर करे।
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मुशायरे में अभय कुमार अभय, प्रोफेसर यूनुस गाजी, रमीज वाहिद मेरठी, नवाजिश नजर, सलमान आरिफ तथा राशिद परवाज ने भी अपनी प्रभावशाली शायरी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में हाजी अख्तर आलम, अब्दुल हक, जीशान खान, आफताब आलम, अरीफुद्दीन साबरी, इमरान सिद्दीकी, इसरार अली आदि रहे।
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